
पटना: बिहार से राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने सदन में रेलवे की सुविधाओं में हुए सुधारों की सराहना करते हुए भी ट्रेनों की गति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 11 साल में रेलवे की सुविधाएं काफी बेहतर हुई हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि बिहार और पूर्वी भारत से संबंधित प्रमुख रूटों पर ट्रेनों की गति काफी धीमी हो जाती है। पटेल ने कहा कि लेकिन जब मुगलसराय (पं दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन) से हावड़ा जाना हो तो ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। वहीं दिल्ली से मुंबई या भोपाल से मुंबई रूट पर स्पीड काफी तेज है। उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया कि इस विसंगति पर तत्काल ध्यान दिया जाए।
सांसद पटेल ने अपनी बात को आंकड़ों के साथ पुष्ट किया। उन्होंने कहा कि अगर हम पटना से रांची जाते हैं तो 9 घंटे का सफर तय करना होता है। इसमें डिस्टेंस मात्र 379 किमी है जबकि दिल्ली से झांसी जाते हैं तो 410 किमी की दूरी 4 से 5 घंटे में पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे स्टेशन हाईटेक हो गए हैं, लेकिन ट्रेनों की गति पर ध्यान देना अति आवश्यक है। उन्होंने शिकायत की कि “जैसे ही ट्रेन दानापुर डिविजन में एंटर करती है, उसकी स्पीड घट जाती है। यह धीमी गति न केवल यात्रियों का समय बर्बाद करती है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास की गति को भी प्रभावित करती है।
सांसद पटेल ने रेल मंत्री से यह मांग भी रखी कि उत्तर बिहार से नार्थ और पटना से सीतामढ़ी, रक्सौल और किशनगंज रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाए। उन्होंने जोर दिया कि रेलवे की आधारभूत संरचना बेहतर हुई है, लेकिन परिचालन दक्षता (operational efficiency) में सुधार की जरूरत है, खासकर उन रूटों पर जो पूर्वी राज्यों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ते हैं। उनका यह मुद्दा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन लाखों यात्रियों की समस्या को दर्शाता है जो अक्सर लंबी दूरी की यात्राओं में अधिक समय लगने की शिकायत करते हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों में ट्रेनों की गति काफी तेज रहती है।






