पटना: बिहार की राजनीति में ‘लव-कुश’ समीकरण को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। पूर्व मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी ने कहा है कि जिस ‘लव-कुश’ बीज को उन्होंने कभी लालू प्रसाद यादव के शासनकाल की कथित अराजकता के खिलाफ बोया था, वह आज फल दे रहा है। अपने 90वें जन्मदिन के मौके पर पटना में उन्होंने इसे जीवन का सपना पूरा होना बताया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को पटना में शकुनी चौधरी को जन्मदिन की बधाई देने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनके साथ हैं और सम्राट अच्छा काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सम्राट अपने राजनीतिक करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। शकुनी चौधरी समता पार्टी के दौर से नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस के करीबी रहे हैं। 1994 में जनता दल से अलग होकर जब नीतीश और जॉर्ज फर्नांडिस ने समता पार्टी बनाई थी, तब शकुनी चौधरी भी उसी राजनीतिक धारा में सक्रिय थे।
उस समय पार्टी का उद्देश्य तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष करना था। इस बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों पर संतुलित भाषा में बात की। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार के राजनीतिक सहयोगी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। बिहार के 20 साल के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग की जिम्मेदारी किसी और को सौंपी है, जिसे भाजपा ने सम्राट चौधरी को दिया है। पटना स्थित सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। पिता के जन्मदिन पर सम्राट चौधरी ने हवन-पूजन कराया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शकुनी चौधरी के साथ पुराने दिनों को याद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दीप जलाया और गुब्बारे छोड़कर जन्मदिन की बधाई दी। मंत्री विजय कुमार चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शकुनी चौधरी को बधाई देते हुए उनसे पटना में ही रहने की सलाह दी।
सम्राट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘देखिए, वह कहां तक पहुंच गया है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। हम उसके साथ हैं।’ पत्रकारों से बातचीत में शकुनी चौधरी ने कहा कि उन्होंने बिहार को लालू प्रसाद यादव के आतंक से मुक्त कराने के लिए कभी ‘लव-कुश’ समीकरण खड़ा किया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार उसी राजनीतिक सोच की उपज हैं। उस दौर में जॉर्ज फर्नांडिस नेता थे। आज वह बीज फल दे रहा है और यह उनके लिए गर्व की बात है कि लव-कुश समाज से एक मुख्यमंत्री और दूसरा उपमुख्यमंत्री है। बता दें, नीतीश कुमार कुर्मी (लव) और सम्राट चौधरी कुशवाहा (कुश) समुदाय से आते हैं। 4 जनवरी 1936 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में जन्मे शकुनी चौधरी का कुशवाहा समाज में मजबूत प्रभाव माना जाता है। उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरजेडी से की थी, लेकिन मतभेदों के बाद पार्टी छोड़ दी। 1985 में तारापुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए। 1990 में कांग्रेस से विधायक बने और बाद में समता पार्टी में शामिल हुए। वर्ष 2000 में आरजेडी से चुनाव जीतकर राबड़ी देवी सरकार में मंत्री भी रहे।







