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सम्राट चौधरी के आदेश से बिहार पुलिस में हड़कंप, 15 फरवरी की डेडलाइन तय

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Samrat Choudhary's order stirs Bihar Police, February 15th deadline set

पटना: देखिए, बिहार के गृहमंत्री सम्राट चौधरी के इस आदेश से उन लोगों को दिक्कत होने वाली है, जिन्होंने अपनी नौकरी के दौरान अकूत संपत्ति बनाई है। इसके अलावा शराबबंदी के बाद रिश्वतखोरी से चल और अचल संपत्ति बनाई है। बिहार के कई पुलिसकर्मियों ने बिहार के बाहर और विदेशों में अचल संपत्ति बनाई है। प्रशांत किशोर ने भी एक बार खुलासा किया था। बिहार में शराब माफिया से साठगांठ करके लोगों ने खूब रिश्वतखोरी से संपत्ति कमाया है। इतना ही नहीं, सही तरीके से जांच हो तो बिहार पुलिस के कई अधिकारी चांद पर जमीन खरीदने की हैसियत वाले हो गए हैं। कई अधिकारियों ने बिहार, यूपी, शिमला, कसौली, मनाली और अन्य जगह पर भी संपत्ति बनाई है। बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार का आलम बढ़ा है। गृहमंत्री का ये कदम पुलिस के अंदर हड़कंप तो मचा ही चुका है। उपरोक्त बयान बिहार पुलिस के एक रिटायर्ड अधिकारी ने मॉर्निंग वॉक के दौरान नाम नहीं छापने की शर्त पर कही। कुल मिलाकर बिहार पुलिस के अधिकारियों की संपत्ति और उनकी कमाई को लेकर गाहे- बगाहे सवाल उठता रहता है।

बिहार के कई थानों की बोली लगने की बात सामने आती है। बिहार पुलिस के अंदर भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठते रहते हैं। अब बिहार के नवनियुक्त गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस को पारदर्शी तरीके से अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने अपने फैसले के तहत सभी पुलिसकर्मियों को आदेश जारी कर दिया है। खबर है कि गृह विभाग ने सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी चल- अचल संपत्ति और अपने दायित्यों का विवरण समर्पित करने को कहा है। विभाग की ओर से साफ कहा गया है कि 31 दिसंबर को आधार मानते हुए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को 15 फरवरी, 2026 तक हर हाल में अपने संपत्ति का डिटेल देना होगा।

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ध्यान रहे कि इस मामले में गृह विभाग के संयुक्त सचिव नवीन चंद्र ने डीजीपी, सभी डीजी, बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव, जेल आईजी, विशेष सुरक्षा दल के समादेष्टा, रेल एडीजी, अभियोजन निदेशालय और सैनिक कल्याण के निदेशालय को इससे संबंधित पत्र भेज दिया है। जारी पत्र के मुताबिक पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी अखिल भारतीय सेवा के सभी पदाधिकारियों और राज्य सरकार के अधीन सभी उपक्रमों के कर्मचारियों और अधिकारियों की चल- अचल संपत्ति और आमदनी से संबंधित विवरण को सार्वजनिक करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले पुलिस वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। गृह विभाग की ओर से सभी निकासी और व्यय पदाधिकारी को भी निर्देश जारी किया गया है। उनसे साफ कहा गया है कि फरवरी माह के वेतन निकासी के समय ये सुनिश्चित करें कि संपत्ति का विवरण जमा हुआ है कि नहीं।

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