पटनाः बिहार की राजनीति में एनडीए के बीच सीट शेयरिंग की जो भी कहानी सामने आई है वह जनता दल यू में विस्फोटक रुख अख्तियार कर चुकी है। सीएम हाउस के दरवाज़े पर माथे पटके जा रहे हैं। पार्टी के गद्दारों के नाम नारे बुलंद किए जा रहे हैं। जानिए ये कौन हैं जिनका दर्द उन्हें सीएम हाउस ले आया…. । बेलहर विधानसभा। ये बेलहर विधानसभा से संभावित उम्मीदवार हैं। ये समता दल के समय से नीतीश कुमार के साथ हैं।
सीएम हाउस के पास शोर कर कह रहे हैं कि ये पार्टी कुर्मी-कुशवाहा की थी। लेकिन संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी ने हाईजैक कर लिया है और टिकट बेच रहे हैं। गोपालपुर विधानसभा के सीटिंग विधायक गोपाल मंडल भी सीएम हाउस नीतीश कुमार का नाम बुलंद करते आ गए। उन्होंने भी जदयू के तमाम कद्दावर नेताओं पर उंगली उठाई। दिनारा विधानसभा पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह ने जदयू के कई लोगों पर टिकट बेचने का आरोप लगाते कल ही जदयू की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यह वही सीट है जिसे रालोमो के हिस्से में दे कर उपेंद्र कुशवाहा को खुश करने का आरोप लगाया।
सोनवर्षा विधानसभा सोनवर्षा से यही गुहार लगाते रत्नेश सदा आ गए। उन्होंने ही टिकट बंटवारे में गड़बड़ी की सूचना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी। बदले में नीतीश कुमार ने उन्हें फौरन सिंबल दे दिया। राजभर (सु) विधानसभा पूर्व मंत्री संतोष निराला ने भी सौम्य तरीके से अपना विरोध दर्ज किया। इन्हें भी नीतीश कुमार ने टिकट देने का आश्वासन जनसभा में दी थी। नाराज सीएम नीतीश ने इन्हें भी सिंबल दे कर उनकी निराशा दूर की। भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि अब संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व की राय का कोई महत्व नहीं रह गया है। अपने आत्मसम्मान और पार्टी के भविष्य की चिंता करते हुए सांसद पद पर मेरा बने रहने का क्या औचित्य है? इसलिए मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं।







