पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद Manoj Kumar Jha ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के समय को लेकर सवाल उठाए हैं। सोमवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस फैसले के समय ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा किया है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को घोषणा से पहले थोड़ा इंतजार करना चाहिए था।
मनोज झा ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम से न तो आश्चर्य हुआ और न ही वे इससे आहत हैं, लेकिन जिस समय चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति भवन की ओर से राज्यपालों और उपराज्यपालों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे माहौल में चुनाव की तारीखों की घोषणा से शंका पैदा होना स्वाभाविक है।
आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि चुनाव की तारीखों की घोषणा अपने आप में मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता की धारणा है। उनके अनुसार लोकतंत्र में यह जरूरी है कि जनता और राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा हो।
इधर Election Commission of India ने हाल ही में Kerala, Assam, Tamil Nadu और West Bengal सहित Puducherry में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया है। आयोग के अनुसार इन राज्यों में मतदान 9 अप्रैल से शुरू होगा। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने चुनाव को लोकतंत्र का “गर्व का त्योहार” बताया और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। सभी राज्यों में मतदान के बाद मतगणना 4 मई को की जाएगी।







