पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में RJD ने करारी हार के बाद करीब एक हफ्ते की चुप्पी तोड़ दी है। RJD ने आरोप लगाया है कि बिहार में जनादेश को चुरा लिया गया। राजद ने चुनाव आयोग से जनता को स्पष्टीकरण देने को कहा। गौरतलब है कि लालू प्रसाद की अगुवाई वाली राजद ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान वोट चोरी के आरोपों पर ज्यादातर चुप्पी साधे रखी, हालांकि कांग्रेस ने अपनी रैलियों में बार-बार ऐसा किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी बहन, वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी , दोनों ने अपनी चुनावी रैलियों में बार-बार वोट चोरी के आरोप लगाए। अब राजद भी उसी लीक पर उतर गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शुक्रवार को एक वीडियो बयान में आरोप लगाया, ‘बिहार के जनादेश पर डाका पड़ा है।’ उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह बताना होगा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी विभिन्न विकास योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा कैसे जमा किया गया।
शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया, ‘चुनाव प्रक्रिया के बीच में ही लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा जमा कर दिया गया, चाहे वह जीएसटी अग्रिम हो या विश्व बैंक ऋण, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।’ उन्होंने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या चुनाव नियमों के तहत चुनाव आयोग इसकी अनुमति देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए खुलेआम नकदी बांटी गई और संवैधानिक संस्थाओं को धीरे-धीरे हाईजैक किया जा रहा है। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को कथित तौर पर ढकने, सासाराम में स्ट्रांगरूम परिसर में एक ट्रक के घुसने और सार्वजनिक स्थानों पर वीवीपैट पर्चियों को छोड़े जाने की मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, राजद ने कहा कि ‘ऐसी घटनाएं चुनावी धांधली और सरकारी मशीनरी के घोर दुरुपयोग पर सवाल उठाती हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा, ‘चुनाव आयोग को इन सवालों के जवाब देने होंगे, वरना उसकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ जाएगी।’ उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष होना चाहिए था, लेकिन चुनाव कराने में वह पक्षपाती दिखा।
राजद ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया, ‘नबीनगर में राजद 112 वोटों से हारी क्योंकि 132 डाक मतपत्र रद्द कर दिए गए। इसी तरह, संदेश सीट पर भी पार्टी 27 वोटों से हारी क्योंकि 360 डाक मत अवैध घोषित कर दिए गए, जबकि हमारी सहयोगी भाकपा (माले) अगिआंव सीट पर 95 वोटों से हारी क्योंकि 175 डाक मत रद्द कर दिए गए।’ पार्टी ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि राजगीर से जदयू उम्मीदवार कौशल किशोर और कुरहानी से भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता को एक समान वोट 1,07,811 कैसे मिले। राजद ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में टिप्पणी की, ‘इन दोनों छात्रों ने अपने ‘शिक्षक’ ज्ञानेश कुमार गुप्ता को खाली कॉपियां जमा की थीं, और मास्टर साहब ने बिना किसी दिमाग लगाए या कोई भेदभाव किए, उन्हें एक जैसे अंक दे दिए।’ साथ ही, राजद ने चुनाव आयोग पर बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया, क्योंकि उसने कुछ सीटों पर, जहाँ मुकाबला कांटे का था, बड़ी संख्या में डाक मतपत्रों को खारिज कर दिया, जिससे एनडीए उम्मीदवारों की जीत हुई। अपने दावों को साबित करने के लिए उसने नबीनगर, अगिआंव और संदेश विधानसभा सीटों के मामलों का हवाला दिया।







