सीतामढ़ी: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर क्षेत्र में पुलिस से हुए मुठभेड़ में मारे गए सीतामढ़ी और शिवहर जिले के चार अपराधियों का शव लेने उनके परिजन नहीं जा रहे है। शुक्रवार की देर शाम तक किसी भी मृतक के परिजन शव नहीं ले सके थे। दिल्ली के हॉस्पिटल में चारों अपराधियों का शव पड़ा हुआ है। चारों ‘सिग्मा एंड कंपनी’ नामक अपराधी संगठन से जुड़े हुए थे। मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों में इस संगठन का मुख्य शूटर रंजन पाठक भी शामिल है। बताया गया है कि जिला पुलिस को गुरुवार की सुबह मुठभेड़ पर चारों अपराधियों को खबर मिली थी और उसी दिन परिजन को सूचना दे दी गई थी।
खास बात यह कि किसी भी मृतक के परिजन शव लेने के लिए दिल्ली नहीं पहुंच सके है। फिलहाल एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात रंजन पाठक समेत चारों अपराधियों के शव दिल्ली के अस्पताल के मोर्चरी में सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस के अनुसार, 72 घंटे तक शव को सुरक्षित रखा जायेगा। इस दौरान कोई शव लेने नहीं गया, तो शव को डिस्पोजल कर दिया जायेगा। गौरतलब है कि मारे गए शूटरों में तीन शूटर सीतामढ़ी जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले थे। वहीं, एक शूटर शिवहर जिले का निवासी है। पुलिस का कहना है कि परिजन कार्रवाई के साथ ही बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे हैं।
बताया गया है कि एनकाउंटर की सूचना के बाद कुख्यात बदमाशों के घरों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई भी सदस्य मीडिया या पुलिस से बात करने को तैयार नहीं है। खबर मिली है कि उक्त आपराधिक संगठन के मारे गए मुख्य शूटर रंजन पाठक के पिता जेल में है, जबकि मां नेपाल स्थित अपने मायके में है। रंजन पाठक का एक भाई है, जो दिल्ली में ही रहता है। वो भी शव लेने नहीं पहुंच सका है। बहरहाल, मुठभेड़ में सरगना रंजन पाठक के मारे जाने के बाद ‘सिग्मा एंड कंपनी’ गिरोह की कमर टूट गई है। पुलिस का दावा है कि अब गिरोह की कोई सक्रिय इकाई जिले में नहीं बची है।







