पटना: बिहार के जनता दल यूनाईटेड ( जेडीयू ) के नेता राम बिलास कामत विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल करने के बाद राज्य की राजनीति में ताकतवर बनकर उभरे हैं। सुपौल जिले की पिपरा विधानसभा सीट से राम बिलास कामत ने बड़े अंतर से जीत तो दर्ज की थी साथ ही साथ इस सीट पर हर बार विधायक बदलने का ट्रेंड को तोड़ दिया। उनकी लोकप्रियता के लिए उन्हें नीतीश कुमार की सरकार में सम्मान मिला है और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। पिपरा विधानसभा क्षेत्र ऐसा क्षेत्र रहा है जहां विधानसभा चुनाव में जनता मौजूदा विधायक को परास्त करके नए चेहरे को मौका देती रही है। यह सीट सन 2008 में अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर सन 2010 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ था।
इस चुनाव में जेडीयू की सुजाता देवी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद साल 2015 के चुनाव में जेडीयू के हाथ से यह सीट निकल गई थी। इस चुनाव में आरजेडी के यदुवंश कुमार यादव ने बीजेपी के विश्व मोहन कुमार को पराजित कर दिया गया था। इसके बाद सन 2020 में पिपरा के मतदाताओं ने एक बार फिर जेडीयू को मौका दिया। इस चुनाव में यहां से जेडीयू के राम बिलास कामत को जीत हासिल हुई। उन्होंने आरजेडी के विश्ममोहन कुमार को पराजित किया था। नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में पिपरा विधानसभा सीट पर राम बिलास कामत ने लगातार दो बार जीत का रिकॉर्ड बना लिया। उन्होंने सीपीआईएमएल के अनिल कुमार को 37776 वोटों के अंतर से हराया।
कामत ने न सिर्फ इस सीट का ट्रेंड बदल दिया, बल्कि वोटों के काफी बड़े अंतर से विजय हासिल की। सुपौल जिले में स्थित पिपरा विधानसभा क्षेत्र राज्य की राजनीति में काफी अहम मानी जाती है। इस सीट पर जेडीयू की मजबूत स्थिति के बावजूद विपक्ष का भी दबदबा बना रहा है। यहां पिछले तीन चुनावों में पार्टी के साथ-साथ जीतने वाला उम्मीदवार भी नया ही रहा था। लेकिन इस बार यह परिपाटी टूट गई। यहां के ट्रेंड को अनदेखा करके जेडीयू ने अपने मौजूदा विधायक राम बिलास कामत को ही चुनावी मैदान में उतारा था। यदि पिपरा के मतदाता अपने स्वभाव के मुताबिक नई पार्टी और नए चेहरे को मौका देते तो कामत हार जाते। लेकिन मतदाताओं ने पहली बार मौजूदा विधायक कामत को ही दुबारा विधानसभा भेजा।







