पटना: बिहार में तापमान में तेजी से गिरावट और घने कोहरे की बढ़ती आशंका के बीच पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने सोमवार से व्यापक शीतकालीन सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से रेल संचालन और यात्री सुरक्षा पर खतरा बढ़ता है, इसलिए रेलवे ने कई स्तरों पर हाई-अलर्ट मोड में काम शुरू कर दिया है।
ईसीआर और उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के दानापुर डिवीजन के कई खंड कोहरे से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। ईसीआर के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के अनुसार, दानापुर डिवीजन के करीब 40% स्टेशन कोहरे-प्रवण क्षेत्र में आते हैं। इसी वजह से सुरक्षा मानकों को और सख्त किया गया है।
रेलवे ने GPS-आधारित शीतकालीन सुरक्षा प्रणाली सक्रिय की है, जो लोको पायलटों को रीयल-टाइम में आने वाले सिग्नल, स्पीड लिमिट और ट्रैक की स्थिति की जानकारी देती है। साथ ही लोको पायलटों के लिए विशेष सलाह सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें रात में दृश्यता अचानक कम होने पर सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई भौतिक उपाय भी किए गए हैं—
- उच्च तीव्रता वाले फ्लैशलाइट
- रेट्रो-रिफ्लेक्टिव पोस्ट
- दृश्यता परीक्षण ऑब्जेक्ट (VTO)
- ट्रैक-साइड नई पेंट की गई फॉलिंग लाइनें
ये संकेत लोको पायलटों को दूरी और ट्रैक संरेखण का अनुमान लगाने में मदद करते हैं, भले ही दृश्यता कुछ मीटर ही क्यों न रह जाए।
इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर कुछ सेक्शन में गति कम करने और पटरियों की लगातार गश्त जैसे उपाय भी सर्दियों के पूरे मौसम यानी फरवरी के अंत तक जारी रहेंगे।
रेलवे का कहना है कि तकनीकी उन्नयन और मानवीय सतर्कता का यह संयोजन घने कोहरे के बीच भी सुरक्षित और सुचारू रेल संचालन सुनिश्चित करेगा।







