बिक्रमगंज में बिजली विभाग की छापेमारी पर उठे सवाल, थ्री-फेज कनेक्शन का आरोप संदिग्ध
Questions raised over electricity department raid in Bikramganj; allegation regarding three-phase connection appears suspicious

रोहतास (बिहार)। रोहतास जिले के बिक्रमगंज में बिजली विभाग की छापेमारी और उसके बाद दर्ज प्राथमिकी को लेकर मामला सवालों के घेरे में आ गया है। एक घर में कथित तौर पर अनधिकृत थ्री-फेज बिजली कनेक्शन मिलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में यह आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत नहीं हो रहा है। इसके बाद बिजली विभाग की कार्रवाई और छापेमारी की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

मामला बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी गुड्डू राय से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग के एसडीओ राज कुमार के नेतृत्व में उनके घर पर छापेमारी की गई थी। छापेमारी के बाद घर में अनधिकृत थ्री-फेज बिजली कनेक्शन होने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस कार्रवाई के बाद मामला पुलिस जांच के दायरे में आ गया।

GNSU Admission Open 2026

पुलिस जांच में आरोप की पुष्टि नहीं

मामले की जांच आगे बढ़ने पर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे बिजली विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए। बिक्रमगंज के एसडीपीओ सिंधु शेखर ने बताया कि अब तक की जांच में थ्री-फेज कनेक्शन होने का आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत नहीं हो रहा है। पुलिस की इस प्रारंभिक टिप्पणी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

एसडीपीओ ने छापेमारी के दौरान गवाहों की मौजूदगी नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने संकेत दिया कि कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था। उनके अनुसार, बिजली विभाग इस मामले को और बेहतर तरीके से संभाल सकता था।

छापेमारी की प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि बिजली विभाग ने किस आधार पर अनधिकृत थ्री-फेज कनेक्शन का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। यदि शुरुआती जांच में ही आरोप की पुष्टि नहीं हो रही है, तो छापेमारी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच जारी है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई और बिजली विभाग की ओर से इस मामले में सामने आने वाले पक्ष पर टिकी हैं।