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दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य का तबादला, विभागीय फैसले के पीछे ये वजह

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Principal of Darbhanga Engineering College transferred, this is the reason behind the departmental decision

दरभंगा: दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी के खिलाफ विज्ञान, प्रोद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने गंभीर कार्रवाई करते हुए उनका तत्काल प्रभाव से शेखपुरा के कॉलेज में तबादला कर दिया है। डॉ. तिवारी पर 27 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान बिना तकनीकी सत्यापन किए करने का आरोप था। इस मामले की जांच तकनीकी शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने की थी।

जांच टीम में विभाग के सहायक निदेशक अतिकुर रहमान, अतिरिक्त वित्तीय सलाहकार मनीष कांत झा और अवर सचिव सह निदेशक अहमद महमूद शामिल थे। टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने डॉ. संदीप तिवारी को तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया। जानकारी के अनुसार, प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने कॉलेज में तकनीकी उपकरणों की खरीद में बड़ी राशि का भुगतान फर्जी तरीके से किया था। जांच में पाया गया कि इलेक्ट्रिकल विभाग में मशीन, लैब और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब के लिए कुल 27 लाख 31 हजार 606 रुपये का भुगतान बिना किसी तकनीकी सत्यापन के किया गया। इसके अलावा, लैंग्वेज लैब के लिए खरीदी गई मशीन के डाइमेंशन और स्पेसिफिकेशन विभाग के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

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जांच समिति ने क्रय किए गए कुछ उपकरणों को आवश्यक और कुछ को अनावश्यक बताया। सबसे बड़ा आरोप यह भी सामने आया कि प्राचार्य ने कॉलेज की ओर से नियुक्त अधिवक्ताओं के मामलों में विभाग को पूरी तरह अंधेरे में रखा। साथ ही, यह भी पाया गया कि डॉ. तिवारी सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते थे। नीट परीक्षा में 20 अंकों के लिए संचालित करने के निर्देश के बावजूद उन्होंने इसे 40 अंकों के लिए संचालित किया। प्राचार्य ने यह सभी आरोप जांच समिति के सामने स्वीकार किए। कार्यवाही के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से चंदन कुमार को वित्तीय शक्ति देते हुए नया प्राचार्य नियुक्त कर दिया है।


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