सासाराम (रोहतास): जिले में करीब 14 वर्षों से बंद पत्थर खनन को दोबारा शुरू करने की दिशा में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में खनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने जिले में फिलहाल चार खनन ब्लॉकों के लिए मंजूरी दी है। इनमें करवंदिया, गिजवाही-2, गायघाट और गिजवाही-1 क्षेत्र शामिल हैं। खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इसी क्रम में पटना से खनन विभाग के अधिकारियों की टीम रोहतास पहुंची। टीम ने करवंदिया पहाड़ी क्षेत्र का निरीक्षण कर खनन स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही गिजवाही-2 क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने प्रस्तावित खनन क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया, ताकि निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। प्रशासन को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों के लिए निविदा की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
इससे पहले जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गायघाट और गिजवाही-1 ब्लॉक के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। इन दोनों क्षेत्रों में 12 हेक्टेयर से अधिक भूमि को खनन के लिए चिह्नित किया गया है। इसके लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2012 के बाद से जिले में पत्थर खनन बंद था। खनन को दोबारा शुरू करने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा था। इसके बाद सरकार ने चार ब्लॉकों में खनन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी।
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि सरकार जिले में पत्थर खनन को दोबारा शुरू करने के लिए गंभीर है। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं। करवंदिया क्षेत्र में रास्ते को लेकर आ रही बाधा को भी दूर कर लिया गया है। गिजवाही-2 के लिए निविदा संबंधी कार्रवाई जारी है, जबकि करवंदिया में छोटे-छोटे ब्लॉक बनाकर खनन की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि खनन गतिविधियां शुरू होने से जिले के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।







