पटना: जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने बिहार की राजनीति को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU 25 से भी कम सीटों पर सिमट जाएगी, बीजेपी को भी नुकसान होगा, जबकि विपक्ष का गठबंधन तीसरे स्थान पर रहेगा। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी ‘जन सुराज’ सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा, ‘हमारी पार्टी इस चुनाव में या तो पहले होगी या आखिरी, बीच का कोई रास्ता नहीं है।’ उन्होंने कहा कि वह जमीन पर बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने JDU नेता और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें मानहानि का नोटिस भेजने की बात कही। पीके ने कहा कि, ‘केवल नोटिस भेज देने से कोई बरी नहीं हो जाता। मैंने उन पर 200 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। अशोक चौधरी को बताना चाहिए कि उन्होंने जमीन खरीदी या नहीं। और अगर खरीदी, तो अपने पीए (निजी सहायक) के नाम पर क्यों खरीदी?’ उन्होंने सवाल किया कि क्या JDU नेता कानून से ऊपर हैं और जवाबदेह नहीं हैं। जन सुराज प्रमुख ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि वरिष्ठ नेता स्वयं पहले कहते थे कि यदि उनकी पार्टी के किसी नेता पर आरोप लगे तो उन्हें स्पष्टीकरण देकर इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रशांत किशोर ने आगे कहा, ‘नीतीश कुमार अब राज्य प्रशासन को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हैं।
नीतीश कुमार शायद खराब व्यक्ति न हों, लेकिन उनके आस-पास के नेता और अधिकारी लूट मचा रहे हैं। अगर नीतीश चोर नहीं हैं, तो कौन चोरी कर रहा है?’ जन सुराज की तैयारियों पर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह अगले चार या पांच दिनों में तय करेंगे कि वह स्वयं चुनाव लड़ेंगे या नहीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका परिवार चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेगा। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी डॉक्टर हैं और कभी-कभार आती हैं, और मेरा बेटा छोटा है।’ उन्होंने यह भी दोहराया कि जन सुराज किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए किशोर ने कहा कि AIMIM धार्मिक राजनीति करती है और जन सुराज इससे दूरी बनाए रखेगा। वहीं प्रशांत किशोर ने चुनाव वाले राज्य में महिलाओं को 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की बिहार सरकार की योजना को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई ‘गेम-चेंजर’ नहीं, बल्कि महज एक घूस है।







