पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। वजह बना है उनका पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास से एक साथ बाहर निकलना। लंबे समय बाद जब दोनों साथ नजर आए, तो सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि दोनों कहां जा रहे हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद सामने आया कि लालू-राबड़ी महुआबाग में बन रहे अपने नए बंगले का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
महुआबाग स्थित यह बंगला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। आमतौर पर लालू प्रसाद यादव अकेले ही निर्माण कार्य की प्रगति देखने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार राबड़ी देवी भी उनके साथ पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी ने निर्माणाधीन मकान का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश भी दिए। बताया जा रहा है कि बंगले का काम तेजी से चल रहा है और लालू परिवार जल्द ही यहां शिफ्ट हो सकता है। बड़े कैंपस और लंबी चहारदीवारी वाले इस भव्य आवास को लेकर पार्टी और प्रशासनिक हलकों में पहले से ही चर्चाएं हैं।
इस बीच लालू-राबड़ी के एक साथ बाहर निकलने को राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। दरअसल, 25 जनवरी को राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक पटना के एक होटल में प्रस्तावित है। बिहार विधानसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न होने के बाद माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी के भीतर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी निर्णय हो सकता है, जिसमें तेजस्वी यादव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। ऐसे में लालू प्रसाद यादव का सार्वजनिक रूप से सक्रिय दिखना यह संकेत देता है कि वे पार्टी के भविष्य को लेकर अहम भूमिका निभाने को तैयार हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद से ही लालू परिवार के नए ठिकाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। फिलहाल राबड़ी देवी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें नई सरकार के आदेश के अनुसार 39, हार्डिंग रोड स्थित नया आवास आवंटित किया गया है। वहीं, महुआबाग का बंगला लालू परिवार के अगले राजनीतिक और निजी पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।







