सीतामढ़ी: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच पुलिस ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। दरअसल शराबबंदी के बाद से ही बिहार-नेपाल बॉर्डर इलाके में न सिर्फ नशीली दवाओं की बिक्री बढ़ती चली गई, बल्कि छोटे-बड़े तस्करों की एक बड़ी फौज ही खड़ी हो गई। बॉर्डर इलाके के कुछ दवा दुकानदारों का तो नशीली दवाओं की अवैध बिक्री से ही पेट चल रहा है। इन इलाकों में कई दफे नशीली दवाओं की खेप पकड़ी जाती रही है। गुरुवार को नेपाल से सटे बैरगनिया बाजार में तब हड़कंप मच गया, जब लोगों ने एसएसबी जवानों के साथ पूर्वी चंपारण की पुलिस को देखा। हालांकि नशीली दवाओं की बड़ी खेप की जब्ती के साथ ही पूरा माजरा सामने आ गया।
बैरगनिया में पूर्वी चंपारण पुलिस के साथ बड़ी संख्या में एसएसबी जवानों को देख लोगों को कुछ शंका हुई। यह शंका तब और बढ़ गई, जब बैरगनिया थाने की पुलिस भी पहुंची। हालांकि थोड़ी देर बाद ही लोगों को पूरा माजरा समझ में आ गया। जब्त नशीली दवाओं की खेप देख पुलिस के साथ ही स्थानीय लोग भी हक्के- बक्के रह गए। रक्सौल पुलिस ने दवाओं को जब्त करने के साथ ही कारोबारी दुकानदार और एक स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया। पूर्वी चंपारण की रक्सौल पुलिस ने बैरगनिया पुलिस के सहयोग से बैरगनिया शहर के मछली बजार स्थित अंसारी मार्केट के एक गोदाम से नशीली कफ सिरप की 2,608 शीशियां बरामद कीं।
इस दौरान दुकान मालिक गौरव कुमार और उसके स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया गया। रक्सौल पुलिस इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस, एसएसबी और दंडाधिकारी सह सीओ रंजीत कुमार ने गोदाम से दो दर्जन कार्टन में रखे ऑनरेक्स नामके कफ सिरप की 2608 शीशी जब्त की। इंस्पेक्टर कुमार ने मीडियाकर्मियों को इतना ही बताया कि रक्सौल में बड़ी मात्रा में नशीली कफ सिरप जब्त करने के साथ ही कई तस्करों को भी पकड़ा गया है। इन्हीं तस्करों की निशानदेही पर यह छापेमारी की गई है। बताया गया है कि बैरगनिया इंडो-नेपाल बोर्डर पर होने के कारण बड़ी संख्या में नेपाल से नशेड़ी यहां आकर दवा दुकानों से नशीली कफ सिरप/इंजेक्शन खरीदते हैं। इसी मामले में दर्जनों भारतीय और नेपाली कारोबारी पकड़े भी जा चुके हैं। शहर के कुछ दवा दुकान तो इन्हीं नशेड़ियों के सहारे चल रहे हैं।







