
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की आहट राज्य में साफ सुनाई देने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में यह गूंज के रूप में सुनाई दी, जब उन्होंने सीवान में संबोधन सुनने आए लोगों से कहा कि “नौजवानों ने जंगलराज की कहानियां सुनी होंगी। देखा नहीं होगा। उस माहौल को जानते नहीं होंगे। फिर से लालटेन और पंजे वाले शिकंजा कसने का मौका ढूंढ़ रहे। सतर्क रहना होगा, वरना विकास पर ब्रेक लगाने का मौका वह तलाश रहे हैं।” आइए जानते हैं पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा… बिहार समृद्ध होगा और देश के विकास में बड़ी भूमिका निभायेगा। मेरे इस विश्वास में आप सभी का सामर्थ्य है। आप सभी ने मिलकर जंगलराज का सफाया किया है। यहां के नौजवानों ने तो 20 साल पहले की बिहार की बदहाली सिर्फ किस्सों और कहानियों में सुनी है। जंगलराज ने बिहार का क्या हाल कर दिया था, वह सभी लोग जानते हैं।
जिस बिहार ने सदियों तक भारत की प्रगति को नेतृत्व दिया, उस बिहार को पंजे और लालटेन के शिकंजे ने पलायन का प्रतीक बना दिया था। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के रहने वाले हर व्यक्ति के सबसे बड़ी बात, उसका स्वाभिमान होता है। कठिन से कठिन परिस्थिति में बिहारी भाई-बहन काम करके दिखाते हैं। वह कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करते। लेकिन, पंजे और लालटेन वालों ने मिलकर बिहार के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई। इन लोगों ने ऐसी लूट मचाई कि गरीबी बिहार की दुर्भाग्य बन गई। अनेक चुनौतियों को पार करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की पटरी पर लाई है। पीएम मोदी ने कहा कि इसी समय जंगलराज लाने वाले फिर से सपना देख रहे हैं कि बिहार के संसाधनों पर फिर से कब्जा कर सकें। इसके लिए वह तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। आपको अपने भविष्य के लिए सतर्क रहना है। बिहार के विकास पर ब्रेक लगाने वालों को कोसों दूर रखना है। वो लोग हर चुनाव में यह लोग आकर बोलते थे कि गरीबी हटाओ-गरीबी हटाओ। लेकिन, आपने जब से एनडीए सरकार को मौका दिया तो पता चला कि गरीबी कम भी हो सकती है। देश की 25 करोड़ की आबादी गरीबी रेखा से बाहर आई है। बीते दशक में बिहार के करीब पौने चार करोड़ साथियों ने खुद को गरीबी से मुक्त किया है।
आजादी के इतने दशकों बाद भी लोग गरीबी से दूर थे। यह इसलिए नहीं हुआ कि बिहार या देश के लोगों में मेहनत में कमी थी। इन्हें आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दिया गया। लंबे समय के लिए कांग्रेस और राजद वालों ने इन्हें गरीबी में धकेल दिया। इनके राज में गरीबों को घर नहीं मिलता था। शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन तक मुहैया नहीं होती थी। गैस कनेक्शन के लिए सांसदों की सिफारिश लगानी पड़ती थी। नौकरी बिना सिफारिश के नहीं मिलती थी। पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस की करतूतें और इनकी कार्रवाई बिहार विरोधी हैं। निवेश विरोधी है। जब यह लोग विकास की बात करते हैं तो लोगों को अपनी दुकान, कारोबार, उद्योग-धंधे सब पर ताले लटकते नजर आते हैं। इसलिए यह लोग नौजवानों के दिल में कभी भी जगह नहीं बना पाए हैं। यह लोग गुंडा राज, माफिया राज, बेहाल इंफ्रास्ट्रकचर और भ्रष्टाचार के पोषक रहे हैं। एनडीए कैसा बिहार बना रही है? इसका उदाहरण मढ़ौरा रेल फैक्ट्री है। आज मढ़ौरा को पहला इंजन अफ्रीका भेजा जा रहा है। आप सोचिए कि अफ्रीका में भी बिहार का जय-जयकार होने वाला है। यह फैक्ट्री उसी सारण में बनी है जिसे पंजे और लालूटेन वालों ने पिछड़ा कहकर छोड़कर दिया था। जंगलराज वालों ने बिहार को विकास के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया था। आज बिहार में रोड, रेल, हवाई यात्रा और जल मार्ग और हर प्रकार इंफ्रास्ट्रकचर पर काफी निवेश हो रहा है।






