पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ट्वीट के बाद NEET छात्र हत्याकांड ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज कर दी है। इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। झा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि बिहार की वर्तमान स्थिति गंभीर है और इस घटना में पीड़िता की छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। पीड़िता के परिवार के एक सदस्य ने प्रशासन, छात्रावास और अस्पताल की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस मामले से संतुष्ट नहीं हैं और केवल सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार ने डीजीपी के यह कहने पर कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की, भरोसा न होने की बात भी कही और आरोप लगाया कि बिहार पुलिस सरकार के दबाव में है।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया है ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके। सिन्हा ने बताया कि पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था, इसलिए मामला CBI को सौंपा गया।
सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) के माध्यम से कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से पटना में हुए NEET छात्र हत्याकांड (केस नंबर-14/26) की जांच CBI को सौंपने का आग्रह किया है और इसे पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से जांचने की आवश्यकता है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी कहा कि 11 जनवरी को पटना के हॉस्टल में हुई इस घटना के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी ऐसी घटना के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई करेंगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी अपराध बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।







