पटना/आरा: भाकपा (माले) के पूर्व विधायक मनोज मंजिल को पटना हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने भोजपुर के बड़गांव कांड में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा और उनकी अपील को खारिज कर दिया। यह मामला नौ साल पुराना है। 20 अगस्त 2015 को अजीमाबाद थाना क्षेत्र के किरकिरी पंचायत में माले नेता सतीश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्या के प्रतिशोध में बड़गांव निवासी जयप्रकाश सिंह का अपहरण और हत्या कर दी गई थी। घटना के एक सप्ताह बाद चौरी थाना क्षेत्र के बेरथ पुल के पास नहर किनारे से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था। बाद में पोस्टमार्टम के दौरान चंदन कुमार ने शव की पहचान अपने पिता जयप्रकाश सिंह के रूप में की की गई थी। पुलिस ने पुष्टि के लिए शव को FSL जांच के लिए पटना भेजा था।
13 फरवरी 2024 को आरा सिविल कोर्ट के एडीजे-3 ने इस मामले में मनोज मंजिल सहित 23 आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। एक आरोपी की मौत पहले ही हो चुकी थी। हाई कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाकपा (माले) ने कहा कि पूर्व विधायक मनोज मंजिल को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला ‘जनप्रतिनिधियों को दबाने की कोशिश’ है और वे इस फैसले का जोरदार विरोध करेंगे।







