दरभंगा: पटना हाईकोर्ट ने बिहार में एक विवादित मामले में आरोपी राजा उर्फ रिजवी को जमानत दे दी है। मामला पिछले साल की अगस्त में दरभंगा जिले में हुए “वोटर अधिकार यात्रा” से जुड़ा है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा के दौरान आरोपी ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। घटना के तुरंत बाद, 29 अगस्त 2025 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अदालत ने आरोपी को 10,000 रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील रियाज अहमद ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली और न ही किसी वीडियो को वायरल किया गया। इसके अलावा, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी साफ है और वह 29 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में था।
सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह ने जमानत का विरोध किया और कहा कि आरोपी का कृत्य देश में अशांति फैलाने की नीयत से किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले की गंभीरता, आरोपी का पूर्ववृत्त, हिरासत की अवधि और आरोपपत्र दाखिल होने जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जमानत देने का फैसला किया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानतदारों में से एक करीबी रिश्तेदार होगा और आरोपी को निचली अदालत में हर तारीख पर उपस्थित रहना होगा। यदि वह लगातार तीन तारीखों तक अनुपस्थित रहता है या जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो जमानत रद्द की जा सकती है। इस फैसले के बाद आरोपी राजा उर्फ रिजवी को गिरफ्तार किए जाने के लगभग छह महीने बाद न्यायिक हिरासत से राहत मिल गई है।
यह मामला राजनीतिक और संवेदनशील स्वरूप का होने के कारण राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।







