पटना: बिहार की राजधानी Patna में एलपीजी गैस की कमी ने हजारों हॉस्टल और होटलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि शहर के करीब 3000 हॉस्टल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो लगभग 2.5 लाख छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़कर अपने घर लौटना पड़ सकता है।
हॉस्टल संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है, जबकि बाजार में गैस ब्लैक में महंगे दामों पर बिक रही है। एक कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए करीब 2300 रुपये तक देने पड़ रहे हैं, जबकि घरेलू सिलेंडर भी 1500 रुपये तक में मिल रहा है।
गांधी नगर स्थित एक बॉयज हॉस्टल के मेस इंचार्ज ने बताया कि हॉस्टल में रह रहे बच्चों को रोज तीन वक्त खाना देना होता है। गैस नहीं मिलने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। कुछ हॉस्टल संचालक फिलहाल स्टॉक में रखे सिलेंडरों से काम चला रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह व्यवस्था केवल कुछ दिनों तक ही चल सकती है।
बोरिंग रोड और आसपास के इलाकों में कई हॉस्टल संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयले या लकड़ी के चूल्हे से खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कई बड़े होटल भी गैस बचाने के लिए सीमित किचन संचालन कर रहे हैं और नए ऑर्डर लेने से बच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी की कोई वास्तविक कमी नहीं है और लोगों से घबराकर अधिक बुकिंग न करने की अपील की गई है। प्रशासन ने गैस एजेंसियों की निगरानी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।







