औरंगाबाद: 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद की नबीनगर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय यादव को बड़ा समर्थन मिला है। फायर ब्रांड मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी , दलित नेता चंद्रशेखर रावण और उत्तर प्रदेश के पिछड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के गठबंधन ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (GDA), यानी लोकतांत्रिक महागठबंधन, ने मृत्युंजय यादव को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। GDA के घटक दल, चंद्रशेखर रावण की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जौहर खान ने प्रेसवार्ता में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि मृत्युंजय यादव ने लिखित रूप से उनकी पार्टी को दिया है कि वे बहुजन समाज की विचारधारा के हिमायती हैं और उनका समर्थन चाहते हैं। चूंकि GDA का कोई उम्मीदवार नबीनगर सीट से मैदान में नहीं था, इसलिए पार्टी ने मृत्युंजय यादव के आग्रह पर विचार किया और चुनावी राजनीति के दृष्टिकोण से उन्हें सक्षम मानते हुए आसपा (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति से समर्थन देने का फैसला लिया।
जौहर खान ने दावा किया कि अब नबीनगर में सारे समीकरण बदल गए हैं और यहां से बहुजन समाज तथा मृत्युंजय यादव की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि जीत सुनिश्चित करने के लिए ओवैसी, चंद्रशेखर रावण और स्वामी प्रसाद मौर्य भी नबीनगर आकर प्रचार करेंगे। आसपा (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष जौहर खान ने RJD नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू-तेजस्वी यदि सही तरीके से टिकट देते तो बहुजनों की सरकार बन जाती, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया और 20 प्रतिशत में 18 प्रतिशत को किनारे लगा दिया। इसके बावजूद, उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हमारी लालू (राजद) से कोई दुश्मनी नहीं है। यही वजह है कि उनके GDA गठबंधन ने राज्य में केवल 55 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे हैं, बाकी सीटें RJD गठबंधन के लिए छोड़ दी हैं।’ उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए क्योकि RJD बाद में यह न कह सके कि GDA के कारण उनकी हार हुई और भाजपा जीत गई। जौहर खान ने दावा किया कि इस बार किसी भी गठबंधन से ‘2.5 प्रतिशत की आबादी वाला’ मुख्यमंत्री नहीं बनेगा, क्योंकि GDA ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर बिहार की सत्ता की चाबी अपने पास रखेगा।
उन्होंने कहा कि GDA के गठबंधन के अनुसार ही मुख्यमंत्री बनेगा, जिसमें ढाई साल दलित और फिर ढाई साल मुस्लिम मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के मुसलमान और यादव वोटर ‘स्मार्ट’ हो गए हैं। लालू-तेजस्वी अब अपने ‘माय’ (MY) समीकरण को भूल जाएं, क्योंकि ये वोटर अब पार्टी नहीं, कैंडिडेट देखते हैं और अपने अच्छे प्रत्याशी को वोट देते हैं। उन्होंने दावा किया कि नबीनगर में भी यही हो रहा है; यहां के यादव, मुसलमान और बहुजन समाज के लोग मृत्युंजय यादव को जिताने जा रहे हैं। GDA का समर्थन पाने पर निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय यादव ने लालू यादव को अपना ‘भगवान’ बताया। उन्होंने कहा, ‘लालू यादव मेरे भगवान हैं और मैं अपने भगवान से भी मिलूंगा लेकिन उनसे मिलने पूरी ताकत के साथ जाएंगे और तब वह मेरी पीठ ठोकेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब चुनाव जीतने पर वे लालू के साथ हो जाएंगे, मृत्युंजय यादव ने कहा, ‘मैं आज भी भगवान की पार्टी में हूं लेकिन भगवान की कोई पार्टी नहीं होती।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए जनता भी भगवान है’ और नबीनगर की जनता ने अपने बेटे को जिताने का फैसला कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि यहां के यादवों पर तेजस्वी यादव का जादू नहीं चलेगा, क्योंकि यादव अब स्मार्ट और परिपक्व हैं और वे तेजस्वी को नहीं, बल्कि अपने बेटे को चुन रहे हैं।







