रोहतास: न्यू मौर्य होटल पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद होटल संचालक रूपेश कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के कारण होटल की प्रतिष्ठा और उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। संचालक ने रोहतास पुलिस और जिला प्रशासन से सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक सामग्री के खिलाफ उचित कदम उठाने की मांग की है।
रूपेश कुमार के अनुसार, घटना की रात करीब पौने बारह बजे बड़ी संख्या में पुलिस बल होटल पहुंचा। उन्होंने बताया कि जब वह नीचे आए और पुलिसकर्मियों से इतनी बड़ी संख्या में आने का कारण पूछा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनके मुताबिक, कुछ समय बाद होटल परिसर में पुलिस बल की संख्या और बढ़ गई।
पहचान पत्रों की जांच के बाद कमरा देने का दावा
होटल संचालक ने बताया कि होटल में ठहरे युवक और युवती को वैध पहचान पत्रों की जांच करने के बाद ही कमरा उपलब्ध कराया गया था। उनका दावा है कि दोनों बालिग थे और युवती की मां भी उनके साथ मौजूद थीं। रूपेश कुमार के अनुसार, होटल में कमरा देने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच की गई थी।
हालांकि, होटल संचालक की ओर से दिए गए इन बयानों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। पुलिस की कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों का पक्ष और मामले की पूरी पृष्ठभूमि सामने आना भी आवश्यक है।
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने से नाराजगी
रूपेश कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान होटल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि युवक और युवती को वहां से ले जाने के दौरान कुछ लोगों ने वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर रील प्रसारित कीं। संचालक का कहना है कि इन वीडियो और पोस्ट के कारण होटल की छवि प्रभावित हुई है।
उन्होंने रोहतास पुलिस और प्रशासन से सोशल मीडिया पर साझा की जा रही कथित भ्रामक सामग्री की जांच कराने और नियमों के अनुरूप उसे हटाने की मांग की है।
फिलहाल, होटल संचालक के बयान के आधार पर मामले में उनका पक्ष सामने आया है। पुलिस कार्रवाई के कारणों, उससे जुड़े तथ्यों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की सत्यता को लेकर स्थिति संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।







