
पटना: जमाबंदी, रैयत का नाम, पिता का नाम, जमीन के कागज में गलती, खाता, खेसरा, लगान और छूटी हुई जमाबंदी। इन समस्याओं के लिए पहले किसानों और रैयतों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। कर्मचारियों की चिरौरी करनी पड़ती थी। इसके लिए कई बार कर्मचारियों की मनमानी का शिकार होना पड़ता था। रैयतों से पैसे की वसूली की बात सामने आती थी। अब ऐसा नहीं होगा। बिहार सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से अब ऑनलाइन जमीन के कागजातों में सुधार हो जाएगी। भूमि अभिलेखों में सुधार को समयबद्ध कर दिया गया है। ये बिल्कुल पार्दर्शी और आसान है। इस पोर्टल के जरिए भूमि विवाद से जुड़े और कागजातों की गलती को त्वरित सुधार किया जा सकता है।
नीतीश सरकार की ओर से जमीन के कागजातों की गलती को देखते हुए आम नागरिकों और रैतों की सुविधा के लिए अब परिमार्जन प्लस पोर्टल के माध्यम से भूमि अभिलेखों से जुड़ी त्रुटियों के त्वरित निष्पादन हेतु स्पष्ट समय- सीमा निर्धारित किया गया है। परिमार्जन प्लस में रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकबा औ लगान आदि में त्रुटि सुधार होगा। उसके अलावा छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन किया जाएगा। आवश्यक मामलों में भू मापी के बाद सुधार किया जाएगा। विभाग ने निष्पादन की अधिकतम समय सीमा को भी निर्धारित किया है। राजस्व भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक यदि जमीन के कागजात में लिपिकीय, टंकण भूल, लोप सुधार होगा, तो इसे 15 दिनों में ठीक कर दिया जाएगा।
उसके अलावा सामान्य त्रुटि में सुधार, 35 दिनों के भीतर करना जरूरी होगा। छूटी हुई जमाबंदी ऑनलाइन, इस कार्य को 75 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। उसके अलावा भू मापी से जुड़े मामले को 75 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के अंदर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा भूमि सुधार विभाग के मंत्री की ओर से साफ कहा गया है कि लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। रैयतों को इस सेवा का लाभ लेने के लिए अपने कंप्यूटर या मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उन्हें बिहार भूमि पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in आना होगा। उसके अलावा शिकायत और सुझाव के लिए उन्हें टॉल फ्री नंबर 18003456215 पर या अपनी शिकायत पोर्टल पर करना होगा। जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।






