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प्रदूषण से राहत नहीं, शहर का AQI 350 पार; निगम पर ठोस फैसले का दबाव

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No respite from pollution, city's AQI crosses 350; pressure on corporation to take concrete decisions

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर शहर को प्रदूषण से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल पा रही है। सुबह और शाम के समय लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते दिनों जहां इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया था, वहीं एक बार फिर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 के पार पहुंच गया है, जो ‘अति खराब’ श्रेणी को दर्शाता है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर शहर का औसत एक्यूआई 378 दर्ज किया गया है। हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी गहरा गई है।

प्रदूषण का स्तर खासतौर पर रात और सुबह के समय अधिक दर्ज किया जा रहा है। ये आंकड़े शहर में लगे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटरिंग स्टेशन से प्राप्त हुए हैं। हालांकि, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े औद्योगिक महानगरों की तुलना में यह स्तर कुछ कम है, लेकिन शहर की सड़कों पर उड़ती धूल, मिट्टी और वाहनों से निकलने वाले धुएं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर, शहर में चल रहे निर्माण कार्य और मोटर वाहनों की बढ़ती संख्या को भी प्रदूषण की बड़ी वजह माना जा रहा है।

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हवा में शुद्ध तत्वों की कमी और कार्बन, धूल-कण समेत अन्य हानिकारक तत्वों की बढ़ोतरी से लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है। क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो एमआईटी दाउदपुर इलाके में एक्यूआई 389, समाहरणालय क्षेत्र में 377, अतरदाह में 374 और बुद्ध कॉलोनी में 380 दर्ज किया गया है, जो सभी अति खराब श्रेणी में आते हैं। लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं। नगर निगम द्वारा सड़कों पर पानी के छिड़काव का कार्य तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए अन्य आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

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