पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 मार्च को अपना 75वां जन्मदिन मनाया। बिहार की राजनीति में चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहे नीतीश कुमार को राज्य की सियासत का सबसे प्रभावशाली और अनुभवी चेहरा माना जाता है। नवंबर 2025 में उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने लंबे राजनीतिक सफर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ी।
1 मार्च 1951 को बिहार में जन्मे नीतीश कुमार के पिता कविराज राम लखन सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे। पेशे से इंजीनियर रहे नीतीश कुमार ने राजनीति में कदम रखने से पहले तकनीकी क्षेत्र में काम किया, लेकिन जल्द ही उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक बदलाव को अपना लक्ष्य बना लिया। उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत 1970 और 1980 के दशक में हुई, हालांकि शुरुआती चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बनने के बाद उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत होने लगी।
साल 1994 में उन्होंने वरिष्ठ समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी की स्थापना की, जिसने आगे चलकर बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2000 में वह पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने, हालांकि उनका कार्यकाल केवल सात दिनों का रहा। इसके बाद 2005 में उन्होंने लालू प्रसाद यादव के लंबे शासन को चुनौती देते हुए सत्ता हासिल की और विकास एवं सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाया।
नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उनके कार्यकाल में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में कई सुधार हुए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई बार गठबंधन बदले, लेकिन हर बार अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखी। आज उनके जन्मदिन पर समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें बिहार के विकास का प्रमुख सूत्रधार मानते हुए शुभकामनाएं दे रहे हैं।







