पटना: विकास पुरुष कहे जाने वाले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब उस कलंक से मुक्ति अभियान की चल पड़े हैं जो हर बिहारी को शर्मिंदा कर जाता है। और वह है विकास के पैमाने पर पिछले पायदान में रहने का दंश। सात निश्चय पार्ट तीन में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह संकल्प छुपा है। विकास के पैमाने गढ़ने के बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिन मसलों के कारण कठघरे में किए जाते रहे हैं,वह है विकास सूचकांक। विपक्ष भी इसी का आईना दिखाकर बिहार के विकास पर सवाल खड़ा करता है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय पार्ट शुरू किया है। वजह यह है कि अभी विकास के सूचकांक में बिहार की स्थिति ठीक नहीं है। बिहार में ग्रामीण जनता की बात करें तो वे उनकी खर्च करने की सीमा हर महीने 3670 रुपये रह गई है। शहरी जनता 5080 रुपये ही खर्च कर पाती है। देश मे यह ग्रामीण आबादी के लिए औसतन 4122 रुपये और शहरी आबादी के लिए 6996 रुपये हैं। नीति आयोग ने वर्ष 2023-24 का विकास लक्ष्य इंडेक्स जारी किया है उसमें काफी पीछे है। देश में राज्यों के इंडेक्स में औसत अंक 71 के विरुद्भ 57 अंकों के साथ बिहार सबसे निचले स्थान पर है।
बिहार की 33.76 प्रतिशत जनता बहुआयामी गरीबी की मार झेल रही है जबकि देश के लिए यह औसत आधे से भी कम, यानि 14.96 प्रतिशत ही है। गरीबी हटाने से संबंधित लक्ष्य में 39 अंकों के साथ मोदी और नीतीश का बिहार सबसे पीछे है|भूख और पोषण से संबंधित लक्ष्य में देश का औसत 52 अंक है, पर इसमें महज 24 अंकों के साथ बिहार सबसे निचले स्थान पर। स्वास्थ्य से संबंधित लक्ष्य में देश का औसत अंक 77 है, पर बिहार के लिए यह 67 ही है और राज्यों के क्रम में केवल 6 राज्य ही बिहार से भी पीछे हैं। बिहार में औसतन हरेक व्यक्ति पूरे महीने के कुल खर्चे में से 14.5 प्रतिशत खर्च बेहतर स्वास्थ्य के लिए करता है, जबकि पूरे देश का औसत 13 प्रतिशत ही है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महीने के प्रति व्यक्ति खर्च के संदर्भ में अन्य राज्यों की तुलना में बिहार बहुत पीछे है। शिक्षा के संदर्भ में देश का औसत अंक 61 है, जबकि बिहार के अंक इससे आधे, 32, हैं। इस लक्ष्य में बिहार का स्थान अंतिम है। बिहार में उद्योग और कृषि में आगे बढ़ेगा तो बिहार का परिवार भी साधन संपन्न बनेगा। और तब प्रति व्यक्ति आए बढ़ सकता है। इसलिए भी सात निश्चय में सबसे पहले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्योग को स्थान दिया और दूसरे नंबर पर कृषि को रखा है।
सात निश्चय पार्ट तीन में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षो में 50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ नौकरी-रोजगार देने का विस्तृत रोड मैप भी बनाया गया है। यह प्रयास चुनावी वादा को पूरा करने के ध्येय के साथ भी रखा गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इन पर विस्तृत चर्चा के बाद नीतीश सरकार ने न्याय के साथ विकास पर आधारित साझा कार्यक्रम के संकल्प को दोहराते हुए अगले पांच वर्ष (2025-2030) में बिहार को देश के विकास राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सात निश्चय -तीन के गठन को स्वीकृति दी। स्वयं मुख्यमंत्री ने साझा किए सातों निश्चय मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होने के साथ ही स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पोस्ट कर सात निश्चय के संकल्पों की जानकारी दी। नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 24 नवम्बर, 2005 को जब से हम लोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है।विभाग का गठन किया जा चुका है। उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियां बनाई दी गई हैं।
इसके तहत राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 50 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। सात निश्चय पार्ट तीन का निशाना दोगुना रोजगार – दोगुनी आय पर भी जेडी इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। इस कार्य को तय सीमा में पूरा करने के लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास का विशेष ख्याल रखा गया है। पंजाब ,हरियाणा और उत्तरप्रदेश का कुछ भाग में कृषि के क्षेत्र में उत्पादन को लेकर अपनी क्षमता प्राप्त कर लेने के बाद अनाज उत्पादन को ले कर पूर्वोत्तर राज्य ही टारगेट में हैं। और इसमें भी बिहार सबसे प्रमुखता के साथ है। नीतीश कुमार ने इस संदर्भ में कृषि रोड मैप बनाकर प्रयोग भी किया। अब सरकार का ध्यान किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में है। वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। सात निश्चय पार्ट थ्री में उद्योग और कृषि के साथ साथ उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य भी शामिल है। सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन,मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार सबका सम्मान-जीवन आसान करना भी है। इस निश्चय के अंतर्गत आधुनिक तकनीक,नवाचार एवं संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने का काम होगा।







