
पटना: काफी बहुमत से मुख्यमंत्री नीतीश नीत की बनी राज्य में डबल इंजन की सरकार को अभी एक माह ही पूरे हुए हों, पर इस कमतर समय में इस सरकार ने पांच वर्ष का ट्रेलर दिखा दिया। इस खास समय में रोजगार और नौकरी के मुद्दे को लेकर जो वादे किए गए उसकी झलक तो सरकार ने प्रारम्भ के 10 दिन से दिखाना शुरू हो गया। इस कार्य में नीतीश कुमार ही नहीं बल्कि अन्य मंत्रियों ने भी बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई। समझिए इस एक माह में जनहित में किस कदर राज्य सरकार ने क्या क्या किया! चुनाव पहले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा प्रत्येक महिला को 10 हजार रूपये दे कर रोजगार खड़ी करने की उस घोषणा को विपक्ष ने चुनावी जुमला करार दिया था। लेकिन नीतीश कुमार ने सरकार में आते ही 10 लाख महिलाओं को 10 हजार रूपये की दूसरी किश्त जारी कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में पहल की।
उसके अलावा साथ ही यह भी कहा कि मैं केवल चुनावी वादा नहीं करता, पूरा भी कार्य हूं। आगे भी यह जारी रहेगा। चुनाव पहले नौकरी का जो वादा एनडीए के नेताओं ने की थी उस दिशा में सरकार बनते ही पहल किया गया। कुछ ही दिन पहले नवनियुक्त 1283 आयुष चिकित्सकों को सोमवार को नियुक्ति पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में दस आयुष चिकित्सकों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र भी सौंपा। पर इस दिन नवनियुक्त 1283 आयुष चिकित्सकों में 685 आयुर्वेदिक, 393 होम्योपैथिक एवं 205 यूनानी चिकित्सक को भी नौकरी मिली। राज्य के सभी 38 जिलों के विभिन्न स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में इनका पदस्थापन किया गया है। इनकी नियुक्ति राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत संचालित चलंत चिकित्सा दल एवं आयुष चिकित्सा सेवा के रूप किया गया है। बिहार के वन एवं पर्यावरण महकमे में भी बेरोज़गार युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर मिलने जा रहा है।
विभाग ने कुल 2856 पदों पर भर्ती करने का निर्णय किया है। इनमें सहायक वन संरक्षक के 31 ,वन क्षेत्र पदाधिकारी के 40,वनपाल के 188, वनरक्षी के 1816 ,आशुलिपिक के 55 ,अमीन के 32,निम्नवर्गीय लिपिक केवी 396,कार्यकाल परिचारी के 17 पद और वाहन चालक के 281 पद पर शीघ्र बहाली होनी है।विभाग में वर्षों से खाली पड़े पदों पर अब सीधी बहाली की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 10 हजार पदों पर बहाली निकाली गई है। इसमें लैब टेक्नीशियन के 2969 पदों, शल्य कक्ष सहायक के 1683 पदों, ईसीजी टेक्नीशियन के 242 पदों और एक्सरे टेक्नीशियन के 1240 पदों पर भी बहाली की जाएगी। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में रेडियोलॉजिस्ट के 184, साइकैट्रिस्ट के 14, गायनाकोलॉजिस्ट के 542, फिजिशियन के 306, पैथोलॉजिस्ट के 75, पेडिएट्रिक्स के 617, आर्थोपेडिक्स के 124, ईएनटी के 83, डर्मेटोलॉजिस्ट के 86, एनेस्थेटिस्ट के 988, सर्जन के 542, माइक्रोबायोलॉजिस्ट के 19, ऑप्थेलमोलॉजिस्ट के 43 सीटों पर बहाली की जाएगी।






