पूर्णिया: पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। कड़ाके की ठंड में एक मां ने अपने नवजात शिशु को सड़क किनारे एक गड्ढे में मरने के लिए फेंक दिया। मानवता को शर्मसार करने वाले इस कृत्य के बाद मामला तब और रहस्यमय हो गया, जब नवजात के शव को दफनाने की तैयारी कर रहे ग्रामीणों के बीच अचानक दो अज्ञात युवतियां पहुंचीं और जबरन शव लेकर फरार हो गईं। यह घटना रायपुरा मध्य विद्यालय के समीप की है। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन की तरह विद्यालय के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने गड्ढे से किसी के रोने की आवाज़ सुनी।
पहले उन्हें लगा कि शायद कोई जानवर फंसा होगा, लेकिन पास जाकर देखा तो खून से लथपथ एक नवजात शिशु बेतरतीबी से पड़ा हुआ था। बच्चे के शरीर पर कई खरोंच और ताजे जख्म थे, और उसकी नब्ज बहुत धीमी चल रही थी। ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन उपचार मिलने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने घंटों की आपसी चर्चा के बाद लावारिस नवजात का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया और दफनाने की तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान भीड़ को चीरते हुए अचानक दो युवतियां वहां आईं। उन्होंने ‘सम्मानजनक अंतिम संस्कार’ की बात कहते हुए नवजात का शव उठाया और लोगों के विरोध के बावजूद जबरन लेकर वहां से फरार हो गईं।
युवतियों की पहचान और उनके गांव के बारे में ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे उनके इरादों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग मान रहे हैं कि युवतियां दत्तक ग्रहण की कोशिश से जुड़ी हो सकती हैं, वहीं कुछ ग्रामीणों को आशंका है कि यह किसी बड़ी साजिश या सबूत मिटाने का प्रयास भी हो सकता है। भवानीपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिल गई है और जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात को किसने फेंका और शव को ले जाने वाली युवतियां कौन थीं। जल्द ही मामले से पर्दा उठने की उम्मीद है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भवानीपुर के तेलियारी में भी एक नवजात को बोरे में बंद कर फेंक दिया गया था, जिसे एक ग्रामीण दंपति ने बचाया था।







