मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में बूढ़ी गंडक नदी से महिला ममता कुमारी और उसके तीन बच्चों के शव मिलने के मामले ने सनसनी फैला दी है। इस हृदयविदारक घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब मामला सोशल मीडिया कनेक्शन की ओर मुड़ता दिख रहा है। पुलिस ममता के व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट की गहन पड़ताल कर रही है, क्योंकि वह इन प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय थी और कई लोगों के संपर्क में थी। जांच के दौरान एक कथित गायक समेत कुछ संदिग्ध नाम सामने आए हैं।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने औराई के एक युवक सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 10 जनवरी को घर से निकलने से पहले और बाद में ममता किन-किन लोगों के संपर्क में थी। शव पीले रंग के कपड़े में बंधे मिले थे, जो आमतौर पर पंडाल में इस्तेमाल होता है। इस आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि परिवार या उनके परिचितों का पंडाल व्यवसाय से कोई संबंध तो नहीं था।
ममता के मायके वालों और पति कृष्णमोहन से भी पूछताछ की गई, लेकिन ठोस सुराग नहीं मिले। पति को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए छोड़ दिया गया है। पुलिस के अनुसार दो संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं—एक अररिया के गायक का, जिसकी लोकेशन गुजरात में मिली, जबकि दूसरा औराई के युवक का है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। सिपाहपुर और जीरोमाइल इलाके से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
एसआईटी ने ममता के किराए के मकान, आसपास के लोगों और चंदवारा घाट जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की, लेकिन अब तक निर्णायक सबूत हाथ नहीं लगे हैं। परिवार एक नवंबर से वहां रह रहा था और 12 जनवरी को कमरा खाली कर दिया गया था। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस जघन्य कांड का खुलासा किया जाएगा।







