अररिया: भारत-नेपाल के बीच सुगौली और पारगमन संधि के कारण भारत नेपाल आने जाने पर किसी तरह पासपोर्ट या वीजा की जरूरत नहीं होती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में प्रतिदिन भारतीय नेपाल और नेपाली नागरिक भारतीय क्षेत्र में आते जाते हैं। लेकिन यदि आप अगले तीन चार दिनों में नेपाल यात्रा का मन बना रहे हैं तो उस पर फौरन सोचना बंद कर दें। कारण ये है कि भारत नेपाल सीमा को 8 नवंबर की शाम छह बजे से 11 नवंबर तक सील कर दिया गया है। भारत-नेपाल बॉर्डर सील करने का निर्णय दोनों क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकारियों की पहले हुई बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर किया गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। सीलिंग की कार्रवाई वोटिंग के ठीक 72 घंटे पहले की गई। 8 नवंबर शाम 6 बजे से 11 नवंबर को मतदान संपन्न होने तक इंडो-नेपाल बॉर्डर सील रखा जाएगा। हालांकि आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के लिए उपयोग की जाने वाली गाड़ियों को उचित जांच के बाद छूट दी गई है। अररिया डीएम अनिल कुमार के ज्ञापांक 2465 के माध्यम से कार्यालय आदेश के तहत बॉर्डर सील किया गया। प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों के साथ कस्टम विभाग के अधिकारियों और एसएसबी 52 वीं, 56 वीं और 45 वीं बटालियन को भी कॉपी भेज कर बॉर्डर सील होने की जानकारी दी गई।
अररिया डीएम ने आदेश की एक कॉपी नेपाल मोरंग के सीडीओ और पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त, डीआईजी को भी भेजी है। स्वच्छ,निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान को लेकर 24 सितंबर और 30 अक्टूबर 2025 को भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकारियों की समन्वय समिति की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने भी भारत नेपाल सीमा को सील करने पर अपनी सहमति दी थी। मामले को लेकर सीमा पार नेपाल के मोरंग जिला के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी सरोज कोइराला ने भी भारत-नेपाल सीमा सील करने का आदेश जारी किया था। ऐसे में नेपाल जाने की चाहत रखने वालों को बॉर्डर पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और उनकी गाड़ियां नेपाल प्रवेश नहीं कर पाएंगी। भारत नेपाल सीमा सील होने के कारण बॉर्डर पर से बैरंग लौटना पड़ सकता है।







