सीतामढ़ी: बिहार में नक्सली गतिविधियां कई साल पहले बंद हो गईं, लेकिन पूर्व की नक्सली वारदातों के आरोपी नक्सलियों का कानून से पीछा नहीं छूट रहा है। गिरफ्तारी और जेल के डर से बहुत सारे पूर्व नक्सली भूमिगत हैं। हालांकि ऐसे नक्सली जैसे ही निकलते हैं, पुलिस उन्हें दबोच लेती रही है। मंगलवार को मुजफ्फरपुर एसटीएफ और शिवहर जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की और शिवहर जिले के एक पूर्व नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। शिवहर के एसएसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने यह जानकारी दी है।
बताया गया है कि शिवहर पुलिस और मुजफ्फरपुर एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में वांछित नक्सली सुरेश सहनी को शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के कररिया गांव से गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया है कि गिरफ्तार नक्सली सहनी पर पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र में हुए एक नक्सली कांड में लंबे समय से वांछित था। सूत्रों ने बताया कि सुरेश सहनी पर 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूर्व नक्सली श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के लालगढ़ गांव का रहने वाला है। वह करीब डेढ़ दशक पूर्व नक्सली गतिविधियों से जुड़ा था।
वह एक बार रिमांड होम से भी फरार हो गया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के बखरी गांव से की गई थी। बताया जाता है कि उसकी कई बड़ी नक्सल गतिविधियों में संलिप्तता रही है। कहा जा रहा है कि शिवहर जिले के तरियानी बीडीओ के अपहरण में सुरेश सहनी शामिल था। पकड़ीदयाल के डा राजेश की हत्या, श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के झिटकहिया में लैंड माइंस विस्फोट कर थानाध्यक्ष सहित 6 जवानों की हत्या में भी सहनी के शामिल होने की बात कही जा रही है। फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से कोर्ट से रिमांड होम जाने और वहां से फरार होने के मामले को लेकर सहनी काफी चर्चित हुआ था।







