
मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर और सारण जिले को जोड़ने वाले एक उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मंजूरी दी है। 589 करोड़ रुपये की लागत से गंडक नदी पर इस पुल का निर्माण होगा। इसके बन जाने से दोनों जिलों के बीच विकास का एक नया अध्याय खुलेगा। लंबे समय से इस पुल के निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। राज्य सरकार की कैबिनेट ने गंडक नदी पर एक बृहद पुल निर्माण की स्वीकृति दी है, जिसे जिलेवासियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड क्षेत्र के फतेहाबाद से सरैया प्रखंड के चंचलिया तक उच्च स्तरीय पीएससी बॉक्स सेल सुपर स्ट्रक्चर मुख्य पुल का निर्माण किया जाएगा। इसकी लागत ₹589 करोड़ होगी और प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
वर्तमान में पारू प्रखंड के फतेहाबाद से सारण जिले के तरैया जाने के लिए लोगों को रेवा घाट पुल होकर लगभग 49 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। इस नए पुल के बन जाने के बाद दूरी घटकर केवल 10 किलोमीटर रह जाएगी। यानी लोगों का 39 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर खत्म हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी तथा आवागमन सुगम और सुरक्षित बनेगा। इस पुल से मुजफ्फरपुर जिले के पारू और सरैया प्रखंड सीधे सारण जिले के तरैया प्रखंड क्षेत्र से जुड़ जाएंगे। इसके बाद जिले के लोगों की पहुँच सिवान और सारण तक भी आसान हो जाएगी। व्यापार, कृषि और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। किसान अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे और व्यापारियों के लिए माल की ढुलाई और वितरण आसान होगा।
डीएम सुब्रत सेन ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान जिले के लिए कई विकास योजनाओं की घोषणा की गई थी। इन योजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री के कर-कमलों से हो चुका है। अब गंडक नदी पर बनने वाला यह सुपर स्ट्रक्चर पुल न केवल तीन जिलों के लोगों को सीधा आवागमन और कनेक्टिविटी देगा बल्कि यह पूरे उत्तर बिहार के लिए ‘प्रगति का सेतु’ साबित होगा। यह पुल दो प्रखंडों को जोड़ने के साथ ही जिले के विकास की दिशा में मील का पत्थर बनेगा।
इससे पहले बूढ़ी गंडक नदी पर भी पुल निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है और दो अन्य पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। यह पुल न केवल मुजफ्फरपुर जिले बल्कि पूरे उत्तर बिहार क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पुल की लंबाई 2280 मीटर और चौड़ाई 15.55 मीटर (तीन लेन) होगी, जबकि इसके पहुंच पथ की लंबाई 2200 मीटर होगी। इस पुल के बन जाने के बाद जिले की सामाजिक और आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे पहले सारण जिले को जोड़ने वाला केवल रेवा घाट पुल था, अब यह दूसरा पुल होगा।






