सासाराम प्रखंड कार्यालय में लंबित कार्यों पर विधायक ने जताई चिंता
MLA expresses concern over pending tasks at Sasaram block office

सासाराम: रोहतास जिले के सासाराम प्रखंड कार्यालय में लंबित कार्यों और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मामला सामने आया है। सासाराम की विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण कर वहां मौजूद लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कार्यालय में अपने जरूरी काम कराने के लिए ग्रामीणों और आम नागरिकों की भीड़ देखी गई।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने बताया कि उनके कार्यालय पहुंचने के समय अंचलाधिकारी (सीओ) वहां मौजूद नहीं थीं। उन्हें जानकारी दी गई कि सीओ किसी अन्य आवश्यक कार्य से बाहर गई हुई हैं। वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रखंड और अंचल कार्यालय में कामकाज प्रभावित होने की बात भी सामने आई। इसके चलते कई फाइलें और लोगों के जरूरी काम लंबित पड़े हैं, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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वर्षों से लंबित मामलों को लेकर लोग परेशान

निरीक्षण के दौरान लोगों की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। पत्रकारों ने विधायक का ध्यान ऐसे फरियादियों की ओर दिलाया, जो लंबे समय से अपने काम के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनका वर्ष 2016 से जुड़ा मामला अब तक लंबित बताया गया। इसके अलावा, देश की सेवा करने वाले सेना के एक जवान को भी अपने काम के सिलसिले में कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी उठानी पड़ रही थी।

व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी पर विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का काम समय पर नहीं होता है, तो उसका परेशान होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मामला नया हो या पुराना, संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करना चाहिए।

फरियादियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

विधायक ने बुजुर्ग सहित अन्य फरियादियों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सीओ कार्यालय में उपलब्ध नहीं थीं, इसलिए उनसे तत्काल बातचीत नहीं हो सकी। विधायक के अनुसार, अगली मुलाकात में वह संबंधित लोगों को अधिकारियों के सामने बुलाकर उनके मामलों पर सीधे चर्चा करेंगी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप से उनकी समस्याओं का समाधान होगा और प्रखंड कार्यालय में कामकाज की स्थिति बेहतर बनेगी।