पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने न केवल सामाजिक ताने-बाने को झकझोर दिया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में एक चार बच्चों के पिता ने अपनी उम्र और मर्यादा का लिहाज न करते हुए एक मासूम नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की। हालांकि, इस मामले में पुलिस की तत्परता काबिले तारीफ रही, जिसने शिकायत मिलते ही आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। मक्के के खेत में दिया वारदात को अंजाम जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान गांव के ही निवासी गोलू उर्फ अर्जुन महलदार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले बच्ची को बहलाया-फुसलाया और फिर उसे घर के पीछे स्थित मक्के के घने खेत की ओर ले गया। सुनसान जगह का फायदा उठाकर आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची को डराया-धमकाया और मौके से फरार हो गया। परिजनों की सूचना पर एक्शन में पुलिस पीड़िता किसी तरह रोते-बिलखते अपने घर पहुंची और अपनी मां को आपबीती सुनाई। बच्ची की दर्दनाक दास्तां सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए परिजनों ने मुफ्फसिल थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थानाध्यक्ष सुदीन राम तुरंत पुलिस बल के साथ सक्रिय हुए। पुलिस ने रात में ही छापेमारी शुरू की और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी अर्जुन महलदार को महज कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई और मेडिकल जांच सदर एसडीपीओ-01 ज्योति शंकर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा, “आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।” ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद से गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी खुद चार बच्चों का पिता है, इसके बावजूद उसने ऐसी घिनौनी हरकत की। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के जरिए की जाए ताकि अपराधी को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके और भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न करे। न्याय के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता फिलहाल पुलिस सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। एसडीपीओ ने भरोसा दिलाया है कि अनुसंधान की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि न्यायालय में पुख्ता सबूत पेश किए जाएं ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।







