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पैतृक गांव पहुँचा शहीद का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

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Martyr's body reaches native village, last rites performed with military honours

रोहतास: राजस्थान के जैसलमेर में एक हादसे के दौरान गंभीर रूप से घायल जवान मथुरा प्रसाद गुप्ता का निधन हो गया। वे लगभग 35 वर्ष के थे और लगभग 14 वर्ष से सेना में अपनी सेवा दे रहे थे। मंगलवार की सुबह, जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास के गांवों से काफी संख्या में लोग जमा हो गये और इस दौरान सभी की आंखें नम दिखाई दी। शहीद जवान मथुरा प्रसाद गुप्ता रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत तिऊरा गांव के स्थाई निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 4 नवंबर को जवान मथुरा प्रसाद गुप्ता जैसलमेर स्थित मिलिट्री बेस कैंप में सैन्य टैंक रिपेयरिंग का काम कर रहे थे, तभी नाइट्रोजन गैस की टंकी फटने से वे बुरी तरह झुलस गए।

आनन-फानन में उन्हें जैसलमेर के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 22 नवंबर को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे में अन्य चार जवान भी घायल हैं, जिनका फिलहाल इलाज चल रहा है। वहीं शहीद जवान का शव मंगलवार की सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचते हीं काफी संख्या में ग्रामीण अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच गये। साथ हीं अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और सभी ने भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा, मथुरा तेरा नाम रहेगा आदि नारों के साथ नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। डेहरी एसडीएम निलेश कुमार, डेहरी एएसपी अतुलेश झा, सांसद मनोज राम, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम एवं जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल अजय कुमार सिन्हा ने शहीद के परिवार को सांत्वना दी और उनके बलिदान को नमन किया।

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पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जवान की वर्ष 2013 में शादी हुई थी। वे अपने पीछे 29 वर्षीय पत्नी पूजा देवी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। 12 वर्षीय शुभम गुप्ता एवं 9 वर्षीय शौर्या गुप्ता के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और पत्नी व मां का भी बुरा हाल था। गांव की महिलाओं को पूरे परिवार को संभालना मुश्किल हो रहा था। हालांकि इस दुखद घड़ी में मौजूद सभी लोग शहीद के बलिदान पर गर्व महसूस कर रहे थे। शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे एसडीएम निलेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत शहादत होने पर पत्नी को 50 लाख रुपए की राशि आज दी गई है। इसके अलावा आर्मी की ओर से 75 लाख की इंश्योरेंस राशि और सैनिक कल्याण निदेशालय के तरफ से परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएंगी।






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