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2020 चुनाव पर मांझी का बड़ा खुलासा: 2700 वोट से हारकर भी जितवा दिए गए

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Manjhi's big revelation on the 2020 elections: He was made to win despite losing by 2,700 votes.

गयाजी: ‘एक सीट गलती से वु हार गेलन। अगर वो हमसे कहे होते, जैसा 2020 में उन्होंने हमसे कहा था। हम हार रहे हैं, कोई उपाय है। उस समय वो 2700 वोट से हार रहे थे। हम प्रयास किए और वो जीत गए। 2025 में महज वो 1600 वोट से हारे हैं। दुर्भाग्य हमारा है। उनका क्या दिमाग हो गया, हमसे बात नहीं किए। सीधे मैदान छोड़कर भाग गए। जो साथी कलेक्टर जो 2020 में अभिषेक सिंह रहे। वो त्रिपुरा में हैं अभी। उन्होंने टेलीफोन किया था। सर हम, आपको 2700 वोट से पीछे थे, तो जीता दिए। इस बार तो 1600 वोट का मामला था। जीता देने में क्या दिक्कत रही। हम भी माथा पीट लिए कि हमारे पास जानकारी होती तब न। खैर, कहने का मतलब। हम जो रात दिन जनता के काम से बैठे रहते हैं, गया में।’ हालांकि, मगही में दिया गया ये उपरोक्त बयान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का है। इस बयान के बाद बिहार में बवाल मचा है। उसके बाद एक बार फिर वोट चोरी और धांधली का मुद्दा खड़ा हो गया है। हालांकि जीतन राम मांझी ने कहा है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।

ध्यान रहे कि गयाजी जिले के बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड के एक कार्यक्रम में जीतनराम मांझी ने ये बयान दिया है। 2025 के विधानसभा चुनाव के ऊपर से वोट चोरी का विवाद अभी थमा नहीं है कि मांझी के इस बयान से तूफान आ गया है। विपक्ष लगातार वोट चोरी की बात कह रहा है। वैसे में मांझी का ये बयान उनके आरोपों को साबित करने के लिए काफी है। मांझी के बयान पर आरजेडी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि ये भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी जी है जो ठगेश कुमार जैसे पिद्दी पालतू आयुक्त के मुंह पर करारा तमाचा जड़ डंके की चोट पर खुले मंच से चुनाव नतीजों में हेरा-फेरी, मशीनरी और धांधली से चुनाव जितने का शाही फॉर्मूला बता रहे हैं। आरजेडी ने अपने एक्स अकाउंट पर आगे लिखा है कि ये बता रहे है कि कैसे इनकी पार्टी ने 2020 में 2700 वोट से हारने के बाद भी टिकारी विधानसभा का चुनाव जीता था और कैसे त्रिपुरा कैडर के 2006 बैच के बिहार में डेप्युटेशन पर पदस्थापित तत्कालीन भ्रष्ट, जातिवादी, निकम्मे, नालायक व नाजायज जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने अपनी शपथ भूल बाबा साहेब के संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए अनैतिक रूप से चुनाव जिताने में उनकी मदद की थी।

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इसका उस भ्रष्ट अधिकारी को ईनाम भी मिलता रहा और वह बिहार में एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन प्राप्त करता रहा। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी इस बार 2025 चुनाव में टिकारी विधानसभा क्षेत्र से का चुनाव हारने तथा पिछला कारनामा ना दोहरा पाने पर अफसोस जता रहे हैं। साथ ही त्रिपुरा में बैठा यह अधिकारी भी शोक मना रहा है। अब कहाँ है बिकाऊ चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग? क्या यही है लोकतंत्र? आरजेडी ने आगे कहा है कि यही मोदी की कृत्रिम लोकप्रियता और बेईमानी के चाणक्य की सच्चाई है। इन लोगों ने मिलकर दोनों चुनाव में युवा जुझारू क्रांतिकारी नेता तेजस्वी यादव का राजनीतिक वध करने का असफल प्रयास किया। लेकिन सच को कब तक छुपाओगे? कब तक जनता को 41 हज़ार करोड़ बांटकर, बेईमानी कर, धांधली कर, मशीन की मदद से भ्रष्ट अधिकारी के काले कारनामों से झूठे चुनाव जीतते रहेंगे? तुम्हारा भांडा अवश्य फूटेगा। हालांकि, इस वीडियो पर मांझी की ओर से जवाब आ गया है, उन्होंने अपने एक्स पर लिखा है कि मेरे एक विडियो के साथ छेडछाड कर वायरल करने वाले कुछ लोगों को लगता है कि मुसहर के लाल को बदनाम कर देंगें। ऐसे लोगों को मैं बता देना चाहता हूँ कि अब मुसहर के बेटे को कोई ना तो अपमानित कर सकता है ना ही बेवक़ूफ़ बना सकता है। आसमान पर थूकने वालों तुम यह भूल रहे हो कि आसमान पर फेंका हुआ थूक तुम्हारे मुंह पर ही गिरेगा। अब मांझी ब्रांड हो चुका है,किसी से डरने वाला नहीं।

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