अररिया: बिहार सरकार निवेशकों के लिए लोन पैकेज और रोड एम्बुलेंस की व्यवस्था कर रही है। यह लोन पैकेज और रोड एम्बुलेंस आखिर है क्या? बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने यहां इसकी जानकारी दी है। दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि बिहार में बंद उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए बिहार सरकार लोन पैकेज शुरू करेगी। इसके तहत बिहार के निवेशकों को बंद पड़ी मिलों को चालू करने के लिए लोन मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा पथ निर्माण विभाग सड़कों की त्वरित मरम्मत करने के लिए बिहार के सभी जिलों में विदेशों की तर्ज पर रोड एम्बुलेंस लाएगी। यह वाहन कहीं भी सड़क में गड्ढे होने पर उनकी द्रुत गति से मरम्मत करेगी।
दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के अंदर औद्योगिक जमीन बढ़ाने के लिए राज्य के सभी जिलों में लैंड बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 26 हजार करोड़ रुपये खर्च करके सरकार जमीनों का अधिग्रहण करेगी। उन्होंने बताया कि उन्हें सरकार में उद्योग और पथ निर्माण विभाग की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे विकसित बिहार के तहत दोनों विभागों की जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारीपूर्वक करने की दिशा में प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार में सड़कों का जाल बिछेगा। मास्टर रोड मैप का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा बिहार में पांच एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण मुंबई-पुणे एक्सप्रेस हाईवे की तर्ज पर कराया जाएगा। जायसवाल ने कहा कि जिलों में सड़कें पहले की आबादी के हिसाब से बनी हैं। अब बढ़ी हुई आबादी के अनुसार, सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।
इसके अलावा रोड मेंटेनेंस पॉलिसी फरवरी-मार्च महीने में लाई जाएगी। इसके तहत चौराहों पर लिखे मोबाइल नंबर पर सड़क के गड्ढे या क्षतिग्रस्त स्थल का फोटो भेजने पर रोड एम्बुलेंस के माध्यम से उसकी तुरंत मरम्मत करा दी जाएगी। मरीजों के इलाज की तर्ज पर सड़क के इलाज के लिए रोड एम्बुलेंस काम करेगी। उन्होंने बिहार में पुलों के निर्माण की जानकारी दी और निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए सभी विधायकों को पत्र लिखने की भी जानकारी दी। जायसवाल ने बताया कि इंडिया गठबंधन वाले मनरेगा के नाम पर ‘जी रामजी’ को जाति धर्म से जोड़ रहे हैं। जबकि यह गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन का शॉर्ट रूप है। सौ दिन के बदले 125 दिनों के रोजगार की गारंटी इसमें होगी और दो माह का गैप खेती या बुआई के समय होगा। इसके अलावा जी रामजी में मिट्टी के कार्य के अलावा पक्के इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण किया जा सकेगा।







