पटना: बिहार में शराबबंदी कानून को अधिक सशक्त तरीके से लागू करने के लिए अवैध शराब के खिलाफ राज्यभर में व्यापक कार्रवाई जारी है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का गठन सितंबर 2025 में किया गया। इसके बाद से अवैध शराब की जब्ती में लगातार बढ़ोतरी हुई है।2024 की तुलना में 2025 में औसतन प्रतिमाह 9 फीसदी तथा 2025 के मुकाबले 2026 में औसत प्रति महीने 18 फीसदी शराब की बरामदगी की गई है।
अवैध शराब के खिलाफ निरंतर की जा रही सख्त कार्रवाई के बारे में एडीजी (मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो) अमित कुमार जैन ने सरदार पटेल भवन पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी।एडीजी ने बताया कि 2024 में 34 हजार 61 हजार 96 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई, जो प्रति महीने औसतन 2 लाख 88 हजार 425 लीटर शराब जब्त की गई है। इसी तरह 2025 में 37 लाख 75 हजार 321 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। प्रति महीने औसतन 3 लाख 14 हजार 610 लीटर शराब की जब्ती हुई है। 2026 में फरवरी तक 7 लाख 41 हजार 368 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई है। प्रतिमाह औसतन 3 लाख 70 हजार 684 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई है।
अगर सिर्फ मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर पर की गई कार्रवाई की स्थिति पर नजर डाले, तो 2025 में 10 लाख 27 हजार 741 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई, इसका प्रति महीने औसतन 85 हजार 645 लीटर शराब की बरामदगी हुई। इसी तरह 2026 में फरवरी तक 2 लाख 47 हजार 809 लीटर अवैध शऱाब जब्त किया गया। यह औसतन प्रति महीने 1 लाख 23 हजार 905 लीटर है। राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर से सबसे ज्यादा 1 लाख 31 हजार 867 लीटर स्पिरिट बरामद की गई। जिला स्तर पर स्पिरिट की बरामदगी का यह औसत 32 हजार 688 लीटर है। इस वर्ष फरवरी महीने तक 13 हजार 811 लीटर स्पिरिट बरामद की गई है।







