
पटना: पटना में दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा जल्दी कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से पैदल मार्च निकाला। सैकड़ों अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे थे। लेकिन, पुलिस ने डाक बंगला चौराहा पर बैरिकेडिंग कर दिया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुके। इसी बीच कई अभ्यर्थी कोतवाली थाने के पास पहुंच गए। अभ्यर्थी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कोतवाली के पास पटना पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने काफी समझाया लेकिन जब वह नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया।
इस दौरान पुलिसकर्मी अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते दिखे। वहीं अभ्यर्थियों ने कहा कि हमलोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। लाठीचार्ज के दौरान एक महिला का पैर टूट गया। कई अभ्यर्थी घायल हुए हैं। इन सबके बावजूद हमलोग डटे रहेंगे। बताया जा रहा है कि पटना पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक रोशन आनंद को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ गया। अभ्यर्थियों ने पुलिस की गाड़ी घेर लिया। कहने लगे कि रोशन सर को गाड़ी से बाहर निकाला जाए।
अभ्यर्थियों का बढ़ता आक्रोश देखकर पुलिस ने शिक्षक रोशन आनंद को छोड़ दिया। वहीं छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार में लगभग दो साल से दरोगा बहाली नहीं निकली है। जल्द ही आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद नई भर्ती की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। ऐसे में सरकार को तुरंत दरोगा भर्ती के विज्ञापन जारी करनी चाहिए। छात्र नेता ने कहा कि अभ्यर्थियों का हक है कि उन्हें पता चले आयोग ने किस प्रश्न का कौन-सा उत्तर सही माना और उन्हें कितने अंक मिले। लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिपाही भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार तरीके से पूरी की जाए।






