पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान संपन्न होने और दूसरे चरण की तैयारी के बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एनडीए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला है। एक निजी चैनल को दिए खास इंटरव्यू में मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि बीजेपी और जेडीयू का रिश्ता सिर्फ सत्ता के लिए है। चुनाव के बाद नीतीश कुमार को ‘किनारे’ कर दिया जाएगा। पहले चरण के मतदान के बाद महागठबंधन की स्थिति पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कहना कि NDA की लहर है, यह सिर्फ उनका भ्रम है। उन्होंने दावा किया कि इस बार एनडीए और महागठबंधन में टक्कर कांटे की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और गठबंधन मजबूती से लड़ रहे हैं, और ग्राउंड रिपोर्ट कहती है कि जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार और BJP के रिश्ते पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों दलों में दिल से एकजुटता नहीं है, वे केवल सत्ता के लिए साथ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले नीतीश को ‘बिगड़ा हुआ बच्चा’ कहते थे और आज उनकी तारीफ कर रहे हैं। BJP और JDU में अंदरूनी मतभेद साफ हैं। चुनाव के बाद BJP नीतीश को किनारे कर देगी, ये तय है। अमित शाह के बयान ‘सीएम की कोई वेकेंसी नहीं है’ पर कांग्रेस चीफ ने पलटवार किया। खरगे ने कहा कि ‘अगर सब तय है, तो घोषणा क्यों नहीं करते? हमने साफ कहा है कि तेजस्वी यादव हमारे गठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होंगे।’ राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले बयान का समर्थन करते हुए खरगे ने कहा कि राहुल गांधी जो बोलते हैं, वह आंकड़ों के साथ बोलते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटिंग के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी जीतती है, तो वो फ्रॉड करके जीतती है। चुनाव आयोग को इस पर काम करना चाहिए, लेकिन वो उल्टा राहुल जी को ही चुनौती दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव मंच से स्थानीय मुद्दे, रोजगार और पलायन को उठा रहे हैं, जबकि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी, महंगाई और वोट चोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन दोनों का मकसद जनता की आवाज को बुलंद करना है। ‘जंगलराज’ के मुद्दे पर खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री हर चुनाव में यही बात करते हैं, यह उनका पुराना तरीका है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन को अति पिछड़ा और महादलित वोटरों का अच्छा समर्थन मिल रहा है, क्योंकि ये लोग संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में हैं और बदलाव चाहते हैं। गिरिराज सिंह के ‘बुर्का उठाकर देखना पड़ेगा’ वाले बयान को खरगे ने ‘बेहद शर्मनाक और भद्दी भाषा’ बताया। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री को ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं और यह केवल ध्रुवीकरण की कोशिश है।







