Home झारखण्ड झारखंड के जननायक शिबू सोरेन का आज अंतिम संस्कार, नेमरा गांव में...

झारखंड के जननायक शिबू सोरेन का आज अंतिम संस्कार, नेमरा गांव में अंतिम विदाई

464
0
Last rites of Jharkhand's popular leader Shibu Soren today, final farewell in Nemra village

नई दिल्ली: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, ‘हम इस दुखद दिन पर यहां मौजूद हैं। ममता बनर्जी और हम सभी तृणमूल कांग्रेस के लोग एक ऐसे व्यक्ति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जो सचमुच एक महान व्यक्ति थे – गुरुजी। शिबू सोरेन राज्यसभा के सदस्य थे। हमने हेमंत सोरेन से मुलाकात की और बात की और ममता बनर्जी व पार्टी की ओर से संवेदना व्यक्त की अब हम विधानसभा जाएंगे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता, पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को राज्य विधानसभा ले जाते हुए।शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, ‘उनकी कमी कभी पूरी नहीं होगी…मैं राष्ट्रपति से गुरुजी को भारत रत्न देने की मांग करता हूं। वो वास्तव में इसके हकदार हैं। वे एक आंदोलनकारी थे और गरीबों की आवाज थे इसलिए भारत सरकार को तुरंत यह घोषणा करनी चाहिए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दिवंगत पिता, पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के रांची स्थित आवास पर पहुंचे। शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव निमरा में किया जाएगा।

GNSU Admission Open 2026

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के लिए रांची पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘वे संघर्ष के प्रतीक और एक ऐसी माटी के सुपुत्र थे जिन्होंने अंतिम तक झुकना नहीं सीखा था… उन्होंने जीवन में कभी पीछे मड़कर नहीं देखा था… आज वे हमारे बीच नहीं रहे लेकिन जब तक दुनिया रहेगी तब तक वे हमारी यादों में रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के लिए रांची पहुंचकर आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘यह झारखंड, हेमंत सोरेन, उनके परिवार और उनके समर्थकों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। आप और अरविंद केजरीवाल की ओर से मैं उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। वे झारखंड के पीछे की ताकत थे। उन्होंने झारखंड के लिए लंबा संघर्ष किया और अपना पूरा जीवन राज्य और इसके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया… उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है।’

GNSU Admission Open 2026