Home बिहार IRCTC घोटाला: आरोप तय, तेजस्वी बोले—“राजनीतिक बदला”

IRCTC घोटाला: आरोप तय, तेजस्वी बोले—“राजनीतिक बदला”

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IRCTC scam: Charges framed, Tejashwi says "political revenge"

पटना/नई दिल्ली: आईआरसीटीसी घोटाले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा उनके और उनके माता-पिता के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में, राष्ट्रीय जनता दल ( राजद ) के नेता तेजस्वी यादव ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध कहा, जो उन्होंने कहा कि ऐसा होना ही था क्योंकि बिहार में चुनाव होने वाले हैं। तेजस्वी यादव ने कहा, ‘हम यह केस लड़ेंगे। हम शुरू से कह रहे हैं कि चूंकि चुनाव आ रहे हैं, इसलिए यह सब होगा। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। हम केस लड़ेंगे… बिहार की जनता समझदार है और वह जानती है कि क्या हो रहा है। यह सब राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।’ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को कथित आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संरक्षक लालू प्रसाद यादव , उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनके बेटे और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया ।

अदालत के निर्देश ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू परिवार के खिलाफ मुकदमे का मंच तैयार कर दिया है। अपने पिता के रेल मंत्री रहते हुए उनका बचाव करते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘जिस व्यक्ति ने रेलवे को 90,000 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा दिया, जिसने हर बजट में हमेशा किराया कम किया। वह एक ऐतिहासिक रेल मंत्री के रूप में जाने जाते रहे हैं। हार्वर्ड और आईआईएम के छात्र लालू जी से पढ़ने आते थे। उन्हें मैनेजमेंट गुरु के रूप में जाना जाता रहा है। बिहार और देश की जनता सच्चाई जानती है। जब तक जिंदा हूं, भाजपा से लड़ता रहूंगा।’ विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के साझा आरोप तय किए। यह मामला भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के दो होटलों के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। 24 सितंबर को अदालत ने सभी आरोपियों को आरोप तय करने के आदेश के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

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सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, 2004 और 2014 के बीच कथित तौर पर एक साजिश रची गई थी, जिसके तहत पुरी और रांची में भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों को पहले आईआरसीटीसी को हस्तांतरित किया गया और बाद में उनके संचालन, रखरखाव और रखरखाव के लिए पटना स्थित कंपनी सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को पट्टे पर दे दिया गया। सीबीआई ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी की गई तथा सुजाता होटल्स के पक्ष में शर्तों में बदलाव किया गया। आरोपपत्र में आईआरसीटीसी समूह के महाप्रबंधक वीके अस्थाना और आरके गोयल के साथ-साथ सुजाता होटल्स के निदेशकों विजय कोचर और विनय कोचर, जो चाणक्य होटल के भी मालिक हैं, का भी नाम है। इस मामले में दो कंपनियों, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (अब लारा प्रोजेक्ट्स) और सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।

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