दरभंगा: दरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी एक बार फिर बड़ी परेशानी का कारण बनी। हैदराबाद से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-537 को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद ईंधन की स्थिति को देखते हुए विमान की रांची एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रांची एयरपोर्ट पर लगभग आधे घंटे रुकने के बाद इंडिगो का वही विमान यात्रियों को लेकर दोबारा दरभंगा के लिए रवाना हुआ और शाम 4 बजकर 28 मिनट पर दरभंगा एयरपोर्ट पर लैंड किया। इसके बाद शाम 5 बजकर 28 मिनट पर विमान ने हैदराबाद के लिए पुनः उड़ान भरी।
विमान के सुरक्षित लैंड करने के बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। गौरतलब है कि दरभंगा एयरपोर्ट पर बीते एक सप्ताह के भीतर यह तीसरा मौका है, जब एप्रन में जगह की कमी के कारण विमानों को हवा में चक्कर लगाना पड़ा है। इससे यात्रियों में दहशत और नाराजगी देखने को मिली। सोमवार को जारी एयरपोर्ट शेड्यूल के अनुसार दिल्ली से अकासा और मुंबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट निर्धारित समय से करीब दो घंटे की देरी से आने वाली थीं। दोपहर बाद दोनों फ्लाइट यात्रियों को लेकर दरभंगा के लिए रवाना हुईं। इसके बाद कुछ ही समय के अंतराल में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद से विभिन्न विमानन कंपनियों की कई फ्लाइट एक साथ दरभंगा के लिए उड़ान भर चुकी थीं।
सोमवार को जारी एयरपोर्ट शेड्यूल के अनुसार दिल्ली से अकासा और मुंबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट निर्धारित समय से करीब दो घंटे की देरी से आने वाली थीं। दोपहर बाद दोनों फ्लाइट यात्रियों को लेकर दरभंगा के लिए रवाना हुईं। इसके बाद कुछ ही समय के अंतराल में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद से विभिन्न विमानन कंपनियों की कई फ्लाइट एक साथ दरभंगा के लिए उड़ान भर चुकी थीं। जब दिल्ली और मुंबई के लिए स्पाइसजेट और अकासा की फ्लाइट दोपहर करीब डेढ़ बजे उड़ान भर गईं, तब रनवे और एप्रन पर जगह उपलब्ध हो सकी। इसके बाद एक-एक कर सभी विमानों की दरभंगा एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने दरभंगा एयरपोर्ट की क्षमता और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







