पटना: एशिया कप मेंस हॉकी 2025 अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। सुपर फोर मुकाबलों के बाद चारों टीमें – भारत, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया – अभी भी फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। हालांकि, खिताबी मुकाबले का टिकट केवल दो टीमों को ही मिलेगा। भारतीय टीम इस समय सबसे मजबूत स्थिति में है। दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के साथ भारत चार अंकों पर शीर्ष पर काबिज है। आज रात चीन के खिलाफ मैच में यदि भारत जीत हासिल करता है तो उसके सात अंक हो जाएंगे और फाइनल में जगह पक्की हो जाएगी।
ड्रॉ की स्थिति में भी पांच अंक लेकर भारत सुरक्षित रूप से फाइनल में पहुंच जाएगा। होस्ट मलेशिया के लिए समीकरण साफ है—उसे हर हाल में दक्षिण कोरिया को हराना होगा। वर्तमान में तीन अंकों के साथ मलेशिया तीसरे स्थान पर है। हार की स्थिति में उसका सफर यहीं खत्म हो जाएगा। तीन अंकों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद चीन के सामने भारत की कड़ी चुनौती है। चीन को फाइनल में पहुंचने के लिए भारत पर जीत दर्ज करनी होगी। हार या ड्रॉ की स्थिति में उसका भविष्य अन्य मैचों के नतीजों पर निर्भर करेगा। दक्षिण कोरिया केवल एक अंक के साथ सबसे पीछे है। उसे फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए न सिर्फ मलेशिया को बड़े अंतर से हराना होगा बल्कि भारत-चीन मैच के नतीजों पर भी किस्मत आजमानी होगी।
टूर्नामेंट में अब तक 18 मैचों में कुल 123 गोल हुए हैं, यानी औसतन 6.83 गोल प्रति मैच। पूल चरण में जहां औसत आठ से ज्यादा था, वहीं सुपर फोर में मुकाबलों की टक्कर बढ़ने से गोलों की संख्या घटी है। मलेशिया के अखिमुल्ला अनाउर 10 गोल के साथ शीर्ष पर हैं। भारत के हरमनप्रीत सिंह 7 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। मलेशिया के अशरन हमशानी (6 गोल), बांग्लादेश के अशरफुल इस्लाम, चीन के बेंहाई चेन और कोरिया के सोन डेन (सभी 5-5 गोल) भी सूची में शामिल हैं।







