मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से एक कार्यक्रम में हिजाब हटाए जाने के बाद चर्चा में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन शनिवार को ड्यूटी जॉइन करेंगी। इसके साथ ही उन अफवाहों पर विराम लग गया, जिनमें दावा किया गया था कि अपमानित महसूस करने के कारण उन्होंने सरकारी नौकरी ठुकरा दी है और राज्य से बाहर जा रही हैं। वहीं, इस मामले में सीमए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि सीएम को पाकिस्तान से धमकी मिली है।
सरकारी तिब्बी कॉलेज और अस्पताल के प्राचार्य डॉ. महफूजुर रहमान ने शुक्रवार को पुष्टि की कि डॉ. नुसरत के परिवार और पति से बात हुई है। नुसरत 20 दिसंबर को कार्यभार संभाल लेंगी। गौरतलब है कि सोमवार को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने नुसरत के चेहरे से हिजाब हटा दिया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने इसे परंपराओं का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया था। इससे पहले खबर सामने आई थी कि सीएम नीतीश कुमार ने जिस आयुष चिकित्सक का हिजाब उठाया था, उसने बिहार छोड़ दिया है। खबर थी कि डॉक्टर नुसरत ने बिहार छोड़ दिया है। वे अब अपने परिवार के पास कोलकाता चली गई हैं।
हालांकि ऐसा कुछ नहीं है। बता दें कि 15 दिसंबर को यह वाक्या सामने आया था। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को यहां कोठीबाग पुलिस स्टेशन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि चेहरे से हिजाब हटाने की घटना से मुस्लिम महिलाओं को ठेस पहुंची है। उनका हिजाब जबरदस्ती हटाना सिर्फ एक मुस्लिम महिला पर क्रूर हमला नहीं है, बल्कि हर भारतीय महिला की आजादी, पहचान और गरिमा पर हमला है। पीडीपी की महिला इकाई की कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में नीतीश के खिलाफ प्रदर्शन किया।







