
पटना: बिहार की राजधानी पटना में भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 18 तरह के चालान हैं। लेकिन पटना ट्रैफिक पुलिस ने अधिकतर चालान हेलमेट और सीट बेल्ट का ही काट रही है। पटना जिला परिवहन कार्यालय (DTO Patna) की मानें तो 65 प्रतिशत चालान केवल हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं पहनने पर लगाया गया है। पिछले 6 महीने की बात करें तो करीब 3,30,890 ऐसे लोगों का चालान काटा गया जिन्होंने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। इसमें 2.50 लाख लोग ऐसे थे, जिनका चालान लोगों पर केवल हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए जुर्माना लगाया गया है।
बाकी बचे 1.30 लाख लोगों का चालान ट्रिपल राइडिंग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल, ओवर लोडिंग और अधिक स्पीड में गाड़ी चलाने पर कटा। ट्रैफिक नियमों के तहत जुर्माना लगाने का प्रावधान तो है, लेकिन इसमें सिर्फ दो तरह के गाड़ी ड्राइवर ही ज्यादातर जुर्माने के फेर में फंसते हैं। पहले बाइक और दूसरे कार वाले, एक हेलमेट तो दूसरे सीट बेल्ट के लिए। जबकि असल सूरत देखी जाए तो ओवर लोडिंग, हाई स्पीड, मोबाइल इस्तेमाल करने वाले ज्यादा हैं। लेकिन इन पर ट्रैफिक पुलिस या परिवहन कार्यालय की नजर नहीं जाती है। एक अखबार की खबर के अनुसार परिवहन कार्यालय की मानें तो मोबाइल फोन इस्तेमाल, नाबालिग के गाड़ी चलाने पर तो महीने में एक या दो का ही चालान कटा है। जबकि गली-मोहल्ले में ऐसे नाबालिग रेसर या ड्राइवर खूब नजर आते हैं।
| ट्रैफिक नियम | चालान की रकम |
| ड्राइविंग लाइसेंस न रहने पर | 5 हजार रुपये |
| नाबालिग का गाड़ी चलाना | 25 हजार का फाइन और 3 साल का प्रतिबंध |
| इंश्योरेंस (2-4 व्हीलर) | 2 हजार रुपये |
| ओवर स्पीड | 2 हजार रुपये |
| बगैर हेलमेट | 1 हजार रुपये |
| बिना सीट बेल्ट | 1 हजार रुपये |
| नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी करना | 500 रुपये |
| ट्रैफिक लाइट उल्लंघन | 5 हजार रुपये |
| ट्रिपल राइडिंग | 1 हजार रुपये |
| खतरनाक ड्राइविंग | 10 हजार रुपये |
| ट्रैफिक अधिकारी की बात न सुनना | 2 हजार रुपये |
| गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल | 5 हजार रुपये |
| शराब पीकर ड्राइविंग | 10 हजार रुपये |
| इमरजेंसी गाड़ी या एंबुलेंस को रास्ता नहीं देना | 10 हजार रुपये |
| रेसिंग करना | 5 हजार रुपयों का जुर्माना |






