
पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सरकार सीमांचल क्षेत्र में बढ़ रहे सूखे नशे की रोकथाम के लिए सचेत है और इसके लिए नारकोटिक्स विभाग के सहयोग से निरंतर कार्रवाई की जा रही है। श्री चौधरी ने आज सदन में विधायक आई.पी. गुप्ता के अल्पकालिक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार सरकार सीमांचल में सूखे नशे की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि अफीम और स्मैक जैसे नशे की रोकथाम के लिए एक यूनिट बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नारकोटिक्स विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए सीमावर्ती इलाकों में इसके नियंत्रण के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा नियंत्रण के लिये इस क्षेत्र में डीआईजी स्तर के अधिकारी की विशेष नियुक्ति की गई है। इससे पहले विधायक आई.पी. गुप्ता ने अल्पसूचित सवाल के माध्यम से सदन में गृहमंत्री से पूछा था कि सहरसा और सीमांचल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते हुए सूखे नशे जैसे स्मैक, सुलेशन, व्हाइटनर एवं अन्य का सेवन करने वालों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
श्री गुप्ता ने इस पर गहरी चिंता जताई और कहा कि नशे के प्रचलन में बढ़ोतरी के कारण प्रदेश के युवा गंभीर बीमारी एवं मौत के शिकार हो रहे हैं और घरेलू हिंसा में भी वृद्धि हो रही है। श्री गुप्ता ने कहा कि इन इलाकों में नशे के प्रचलन की प्रकृति में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े और बूढ़े नशे का सेवन करते थे, लेकिन आज 14 से 25 के बीच के युवकों में इसका प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में नवोदय विद्यालय और आईटीआई संस्थानों में पढ़ रहे छात्र नशे का सेवन कर रहे हैं और गुमराह होते जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार राज्य में बढ़ रहे सूखे नशे को नियंत्रित करने के लिए कौन-सी कार्रवाई करने का विचार कर रही है।






