रोहतास। गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी में सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग संकाय के वरिष्ठ छात्रों ने नवप्रवेशी छात्रों के लिए एक फ्रेशर सह स्वागत कार्यक्रम रखी, जिसमें जश्न के साथ गंभीर यादें भी रही। प्रोग्राम में नए एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और साथ ही पुलवामा आतंकी हमले की याद में ब्लैक डे भी मनाया गया, जिससे एकता, देशभक्ति और सामाजिक ज़िम्मेदारी के मूल्यों को मज़बूत किया गया।
इस इवेंट में यूनिवर्सिटी के चांसलर गोपाल नारायण सिंह के साथ-साथ वाइस-चांसलर, कंट्रोलर ऑफ़ एग्जामिनेशन, रजिस्ट्रार, डीन ऑफ़ कॉमर्स और फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ के डीन भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी ने इस मौके को और भी गरिमा और प्रेरणा दी, जो यूनिवर्सिटी के सबको साथ लेकर चलने वाले और स्टूडेंट-सेंट्रिक सोच को दिखाता है। प्रोग्राम की शुरुआत आई टी और इंजीनियरिंग फैकल्टी के डीन के फॉर्मल वेलकम भाषण से हुई, जिन्होंने फ्रेशर्स को को-करिकुलर एक्टिविटीज़ में एक्टिव रूप से हिस्सा लेते हुए पढ़ाई में बेहतरीन करने के लिए बढ़ावा दिया। चांसलर ने अपने भाषण में स्टूडेंट्स को इनोवेशन, डिसिप्लिन और देश बनाने के लिए एजुकेशन को एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यूनिवर्सिटी ज़िम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
वाइस-चांसलर और रजिस्ट्रार ने मौजूद लोगों को गाइडेंस देते हुए, एकेडमिक ईमानदारी, अनुशासन और पूरे विकास के महत्व पर ज़ोर दिया। एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने स्टूडेंट्स को इवैल्यूएशन ट्रांसपेरेंसी के बारे में बताया, जबकि कॉमर्स और प्रबंधन के डीन ने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और लीडरशिप स्किल्स पर ज़ोर दिया। प्रोग्राम का एक बड़ा हिस्सा पुलवामा घटना के लिए ब्लैक डे मनाने के लिए था। फैकल्टी मेंबर्स और स्टूडेंट्स ने कुछ देर का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद कैंडल जलाई गईं। स्पीकर्स ने बहादुर सैनिकों के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई और आतंकवाद के खिलाफ शांति, एकता और हिम्मत का संदेश दोहराया। इवेंट का अंत सीनियर स्टूडेंट्स के कल्चरल परफॉर्मेंस के साथ हुआ, जिससे खुशी और अपनेपन का माहौल बन गया।







