दरभंगा: बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट को लेकर सरकार चाहे कितनी भी सुविधाएं होने का दावा करे, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। दरभंगा एयरपोर्ट पर फ्लाइट की लैडिंग जैसी बुनियादी सुविधाए की भी कमी है। ये कमी एक बार फिर उस समय उजागर हो गई, जब चार फ्लाइट लैंडिग के लिए दरभंगा एयरपोर्ट पर मंडराने लगी। इससे फ्लाइट में बैठे पैसेंजर की ‘सांसे’ अटक गईं। दरअसल दरभंगा जिले के एयपोर्ट के एप्रन में केवल दो विमानों के ठहराव की जगह है।
शुक्रवार को मौसम साफ था। ऐसे में हैदराबाद से इंडिगो का एक विमान लैंडिंग के लिए पहुंचा। लेकिन एयरपोर्ट के एप्रन पर पहले से ही दो विमान मौजूद थे। ऐसे में दरभंगा एयरपोर्ट की ओर से फ्लाइट को लैंडिंग की इजाजत नहीं मिली। इजाजत नहीं मिलने पर फ्लाइट दरभंगा एयरपोर्ट के ऊपर हवा में ही चक्कर लगाती रही। कुछ ही देर में लैंडिंग का इंतजार करते हुए आसमान में चार विमान चक्कर लगाते रहे। दरभंगा एयरपोर्ट के एप्रन में जगह नहीं मिलने के कारण किसी भी फ्लाइट की लैंडिंग नहीं हो सकी।
हैदराबाद से आई फ्लाइट को वाराणसी के लिए डायवर्ट करना पड़ा। बाद में फ्लाइट को वाराणसी से दरभंगा लाया गया। बताया गया इंडिगो का विमान शाम 4:46 बजे वाराणसी से दरभंगा पहुंचा था। 32 मिनट के बाद फ्लाइट को दरभंगा एयपोर्ट के एप्रन में जगह खाली होने पर वाराणी से रवाना किया गया। इस फ्लाइट में 146 पैसेंजर सवार थे। फ्लाइट से बाहर आए यात्रियों का कहना था कि पांच साल बीत जाने के बाद भी दरभंगा एयरपोर्ट पर बुनियादी सुविधाएं नहीं है। महज दो विमानों के ठहराव के मद्देनजर सीमित एप्रन क्षमता, अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती उड़ानों का दबाव बार-बार संचालन में बाधा बन रहा है।







