Home बिहार पिता करते हैं मजदूरी, बेटी बन गई BSF जवान

पिता करते हैं मजदूरी, बेटी बन गई BSF जवान

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Father works as a labourer, daughter becomes a BSF soldier

पूरे गांव में पहली नौकरी करने वाली लड़की बनी नेहा कुमारी

कैमूर। जिले के कुदरा प्रखंड के सलथुआ पंचायत स्थित रतिचक गांव निवासी श्याम बिहारी राम मजदूरी कर अपने बेटे बेटियों को पढ़ाने में कभी पीछे नहीं हटे। जिसका परिणाम है कि हाल ही में उनकी बड़ी बेटी नेहा कुमारी ने महज 20 साल की उम्र में SSC GD परीक्षा पास कर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में शामिल हो गई। बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार के साथ पूरे गांव भर में खुशियों का माहौल बना हुआ है।

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गांव वालों से बात करने पर पता चला कि पूरे गांव भर की लड़कियों में नेहा पहली ऐसी लड़की हैं जो सरकारी नौकरी के लिए चयनित हुई है। गांव वालों ने ये भी बताया कि जहां लोग अपनी बेटियों को उच्च श्रेणी की शिक्षा देने के बजाय कम उम्र में ही शादी कर देते हैं वहीं श्याम बिहारी राम ने कभी अपनी बेटी की शादी की बात करने के बजाय उसको रोहतास के सासाराम भेज कर डिप्लोमा इन फार्मेसी की पढ़ाई कराते थे।

वहीं बच्ची ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के साथ जनरल कंपटीशन की भी तैयारी करती थी। जहां कड़ी मेहनत के बाद उनको देश का सेवा करने का मौका मिला। बीएसएफ में चयन के बाद नेहा कुमारी ने बताया कि बचपन से ही आर्मी की जवान बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। आज सपना पूरा होने पर नेहा काफी प्रसन्न दिखाई दे रही है।

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